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माथे पर चंद्रमा, महादेव की तस्वीर वाली टाई…आखिर कौन हैं सूट वाले बाबा, क्या आपको पता है?

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Agency:News18 Jharkhand

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Suit-boot Baba Bokaro: सूट-बूट वाले बाबा जगदीश साव समाज के लिए प्रेरणा हैं. वे दिखाते हैं कि साधारण जीवन में भी बड़े उद्देश्यों को हासिल किया जा सकता है. उनकी वेशभूषा और भक्ति का अनोखा तरीका लोगों को न केवल चौं…और पढ़ें

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बोकारो

बोकारो के सुट बुट वाले बाबा कि तस्वीर 

कैलाश कुमार,बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में रहने वाले सूट-बूट वाले बाबा इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. अनोखी वेशभूषा और खास अंदाज के कारण वे न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, बल्कि अपनी बातों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास भी कर रहे हैं.

कौन हैं सूट-बूट वाले बाबा?
बोकारो थर्मल के बाजारटांड़ निवासी सूट-बूट वाले बाबा का असली नाम जगदीश साव है. वे 2007 से नीले रंग का सूट-बूट, सिर पर लंबे बाल, माथे पर चंद्रमा और गले में भगवान शिव की तस्वीर वाली टाई धारण करते हैं. उनकी वेशभूषा और जीवनशैली भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति और उनके संदेश को समाज तक पहुंचाने का एक माध्यम है.

सूट-बूट वाले बाबा का उद्देश्य
लोकल 18 से बातचीत में जगदीश साव ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य है समाज में प्रचलित झाड़-फूंक, गोदान, और जीव हत्या जैसी कुप्रथाओं को दूर करना. लोगों को सिखाना कि इन रूढ़ियों से छुटकारा पाकर एक सकारात्मक जीवन जिया जा सकता है. उनका मानना है कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए माता-पिता को भगवान का स्वरूप माना गया है. वे युवाओं को अपने माता-पिता की सेवा करने और उनकी देखभाल करने का संदेश देते हैं. बाबा पशु-पक्षियों की सेवा को भी भगवान की आराधना मानते हैं.

कैसा है बाबा का दैनिक जीवन?
बाबा हर दिन सुबह स्नान और ध्यान के बाद अपने घर के सामने बने शिव मंदिर में पूजा करते हैं.इसके बाद वे पशु-पक्षियों की देखभाल करते हैं. उनकी जीविका सब्जी बेचने से चलती है, जिसे वे अपनी मां की देखभाल के साथ-साथ करते हैं. बाबा की वेशभूषा और लंबे बाल उन्हें दूसरों से अलग बनाते हैं.

श्रद्धालुओं तक भगवान शिव का संदेश पहुंचाने के लिए उन्होंने यह रूप धारण किया. पहली बार उन्हें देखकर लोग चौंकते हैं, लेकिन जब वे उनके उद्देश्य को समझते हैं, तो इसे स्वीकार कर लेते हैं.

बाबा का संदेश
हर व्यक्ति को अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए. पशु-पक्षियों की देखभाल और संरक्षण करना मानव का धर्म है. झाड़-फूंक और कुप्रथाओं से बचकर सकारात्मकता और सेवा का मार्ग अपनाना चाहिए.

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माथे पर चंद्रमा, महादेव की तस्वीर वाली टाई…आखिर कौन हैं सूट वाले बाबा?

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