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न नाग, न नागिन, पर नागों जैसा अंदाज! महाराष्ट्र में मिला दुर्लभ सांप बना चर्चा का विषय

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Agency:Local18

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Rare Bandit Racer Snake: सांपों की कुछ प्रजातियां बहुत दुर्लभ हो गई हैं. ऐसा ही एक दुर्लभ प्रजाति का सांप छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड में मिला है.

न नाग, न नागिन, पर नागों जैसा अंदाज! ये दुर्लभ सांप बना चर्चा का विषय

छत्रपति संभाजीनगर में दुर्लभ सांप मिला

अपूर्वा तळणीकर/ छत्रपति संभाजीनगर: आजकल जानवरों और पक्षियों की संख्या दिन-ब-दिन घटती जा रही है. कुछ प्रजातियां तो इतनी दुर्लभ हो गई हैं कि उन्हें देखना मुश्किल हो गया है. सांपों की भी कुछ प्रजातियां बहुत दुर्लभ हो गई हैं. ऐसा ही एक दुर्लभ प्रजाति का सांप छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड में मिला है. इस सांप की विशेषताएं और इसकी दुर्लभता के बारे में वन्यजीव संरक्षणकर्ता डॉ. संतोष पाटील ने जानकारी दी है.

दुर्लभ बिनविष सांप मिला
डॉ. संतोष पाटील ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड शहर के यशवंतनगर में एक घर के पास मंगलवार दोपहर को बैंडेड रेसर यानी नायकुळ नामक दुर्लभ बिनविष सांप मिला. इस सांप को सर्पमित्रों की मदद से पकड़कर आव्हाना रोड के वन विभाग के जंगल में छोड़ दिया गया. यह सांप बहुत ही दुर्लभ है और आमतौर पर जल्दी नहीं मिलता.

गेंहुआ रंग का, डेढ़ मीटर लंबा यह सांप बेहद फुर्तीला है और रंग में नागिन जैसा दिखता है. इसके शरीर पर बारीक चेक्स की नक्काशी होती है और संकट के समय यह नागिन की तरह अपना मुंह फुलाकर नाग होने का भ्रम पैदा करता है. यही इसकी विशेषता है. इस सांप को विषैला नागिन समझकर अक्सर मार दिया जाता है. इस सांप की जैवविविधता को संरक्षित करने के लिए इसे जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के पोर्टल और लोक जैवविविधता रजिस्टर (पीबीआर) में दर्ज किया गया है.

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मुख्य भोजन चूहे, छिपकली, सरिसृप और कीट
गंभीरता से घटते गवताळ कुरण और खुरटी झाड़ी इसके मुख्य आवास हैं. हाल ही में गवताळ वन कम हो गए हैं. यह प्रजाति फरवरी, मार्च और अप्रैल के दौरान अंडे देती है. जमीन की बड़ी दरारों, पत्थरों के नीचे और नलियों में अंडे देना पसंद करती है. अप्रैल में कई किसान खेतों में बांध और गवत जलाते हैं, साथ ही जंगलों में आग लगाई जाती है, जिससे इस सांप का आवास खतरे में आ गया है. इस सांप का मुख्य भोजन चूहे, छिपकली, सरिसृप और कीट होते हैं. इसका प्रजनन काल जनवरी से मार्च तक होता है.

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