Headlines

प्रिंसिपल ने सिंगापुर में देखा ऐसा कुछ खास; रह गए एकदम भौंचक्के! अपने यहां भी लागू करेंगे ये माॅडल

[ad_1]

Agency:News18 Madhya Pradesh

Last Updated:

Chhatarpur News : छतरपुर के शासकीय मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम नारायण पाल ने सिंगापुर स्कूल विजिट में अनुशासन, स्वच्छता और आधुनिक शिक्षा पद्धति देखी. वहां टीचर प्रोजेक्टर से पढ़ाते हैं और पेन-मार्कर का उपयोग …और पढ़ें

X

सिंगापुर 

सिंगापुर 

हाइलाइट्स

  • सिंगापुर के स्कूलों से प्रभावित हुए प्रिंसिपल प्रेमनारायण पाल.
  • स्कूल में बच्चों के लिए टैबलेट की व्यवस्था करेंगे.
  • पहले शिक्षकों को टैबलेट से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे.

छतरपुर. शासकीय मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम नारायण पाल लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि सिंगापुर के 5 दिनों की स्कूल विजिट में हमनें देखा कि वहां के टीचर से लेकर स्टूडेंट तक अनुशासित हैं. बच्चे यूनिफॉर्म में रहते हैं. वहां के स्कूलों में बहुत ही शांतिपूर्ण वातावरण रहता है. शोर-शराबा नहीं रहता है. भले ही बच्चे खेल रहे हों फिर भी वहां शोर-शराबा नहीं होता है. वहां का हर व्यक्ति सेल्फ डिसिप्लिन है. प्रिंसिपल प्रेमनारायण बताते हैं कि सिंगापुर वाकई में बहुत साफ-सुथरा है. वहां के विद्यालयों में ही साफ़ सफाई नहीं है बल्कि पूरे शहर में रहती है. वहां की सड़कों पर एक धूल कण नहीं देखने को मिलता है. हम सड़क से पैदल चलकर भी कमरे तक आते थे तो भी धूल कण नहीं आते थे.

प्रेमनारायण बताते हैं कि वहां की सड़कों पर रेड सिग्नल होने पर सभी वाहन एक-दूसरे से 7-8 फुट दूरी बनाकर रहते थे. एक भी दिन वहां हॉर्न की आवाज सुनाई नहीं दी. पैदल चलने वाले के लिए भी सिग्नल होता है. वहां के लोग स्वयं ही नियमों का पालन करते हैं.

सिंगापुर में हैं कुल इतने सरकारी स्कूल 
वे बताते हैं कि सिंगापुर में केवल 360 ही सरकारी स्कूल हैं. जिसमें 160 प्राइमरी प्राइमरी स्कूल और 200 सेकंडरी स्कूल हैं. सिंगापुर के सरकारी स्कूलों में टीचर प्रोजेक्टर से पढ़ाते हैं. वहां पेन और मार्कर का उपयोग नहीं किया जाता है.

सिंगापुर के इस तरीके को अपनाएंगे 
प्रिंसिपल प्रेमनारायण ने बताया कि वह सिंगापुर के स्कूलों में पढ़ाने का जो तरीका है वह उन्हें बहुत पसंद आया है. इसलिए वह भी अपने स्कूल में बच्चों के लिए छोटे टैबलेट की व्यवस्था करेंगे. शुरुआत में 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा के बच्चों के लिए व्यवस्था करेंगे. इसके लिए पहले शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे. ताकि वह बच्चों को टैबलेट से पढ़ा सकें. बच्चों के टैबलेट के लिए हमारे स्कूल में इतना बजट है.

homecareer

प्रिंसिपल ने सिंगापुर में देखा ऐसा कुछ खास; रह गए एकदम भौंचक्के! अपने यहां भी

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *