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उल्टी का नाम सुनते ही मन अजीब सी घिन से भर जाता है. हालांकि डेनमार्क में वैज्ञानिकों को ऐसी उल्टी के अवशेष मिले हैं, जो 6.6 करोड़ साल पहले किसी जीव ने की थी. सोचिए, आज उस कचरे को राष्ट्रीय खज़ाना कहा जा रहा है….और पढ़ें
6.6 करोड़ साल पुरानी उल्टी मिली. (Credit-Sten Lennart Jakobsen)
दुनिया में अगर आप अजीबोगरीब चीज़ें ढूंढने निकलेंगे, तो आपको बहुत सी ऐसी घटनाएं मिल जाएंगी, जो आश्चर्यचकित कर दें. इस वक्त एक ऐसी ही घटना सुर्खियों में है. आमतौर पर जिस चीज़ को इतना घिनौना माना जाता है कि इसके बारे में सोचकर ही मन खराब होने लगता है, वो क्या राष्ट्रीय महत्व की चीज़ हो सकती है? ये सवाल अजीब हो सकता है लेकिन आप इस रिपोर्ट को पढ़कर समझ जाएंगे कि ये मज़ाक नहीं है.
उल्टी का नाम सुनते ही मन अजीब सी घिन से भर जाता है. हालांकि डेनमार्क में वैज्ञानिकों को ऐसी उल्टी के अवशेष मिले हैं, जो 6.6 करोड़ साल पहले किसी जीव ने की थी. सोचिए, आज उस कचरे को राष्ट्रीय खज़ाना कहा जा रहा है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है, जो 66 मिलियन साल पहले की ‘उल्टी’ है.
वैज्ञानिकों ने ढूंढा ‘राष्ट्रीय खज़ाना’
डेनमार्क के क्लिफ ऑफ स्टीवंस में वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. पिछले साल नवंबर के महीने में वैज्ञानिकों ने एक फॉसिलाइज्ड प्यूक यानि उल्टी का प्राचीन टुकड़ा ढूंढ निकाला है. ये अवशेष कम से कम 6.6 करोड़ साल पुराना है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये उल्टी का अवशेष किसी शार्क जैसे बड़े समुद्री जीव का है. उसने सी लिलीज़ खा रखी थीं, जो उसके ज्यादा अच्छी नहीं लगी और उसने उल्टी कर दी. Denmark’s Geomuseum Faxe के डॉक्टर जेस्पर मिलान ने बताया अब उसका सिर्फ कंकाल ही बचा है. जानकारों का कहना है कि अवशेष में दो तरह की सी लिलीज़ का मिश्रण है.
दुनिया की सबसे प्राचीन उल्टी
डॉक्टर मिलान का कहना है कि जर्मनी में सबसे प्राचीन उल्टी मिलने का दावा किया जाता है, जो लगभग 150 मिलियन साल पुरानी है. हालांकि डेनमार्क ने उल्टी के इस अवशेष को ऐतिहासिक महत्व वाला बताया गया है. उन्होंने ये साफ किया है कि ये उनके लिए नेशनल ट्रेज़र है और वो इसे बेचेंगे नहीं. ये दुनिया का सबसे मशहूर उल्टी का टुकड़ा है.
January 31, 2025, 08:40 IST
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