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Right to die with dignity: अभिनेत्री काजल ने हाल ही में कर्नाटक सरकार द्वारा लाए गए ‘सम्मान के साथ मरने के अधिकार’ के कानून को सराहा है. साथ ही उन्होंने अपनी 2022 में आई फिल्म ‘सलाम वेंकी’ का भी जिक्र किया है …और पढ़ें
काजोल को पसंद आया कर्नाटक सरकार का नया कानून
हाइलाइट्स
- कर्नाटक में सम्मान के साथ मर सकेंते बीमार लोग
- राज्य में लालू हुआ राइट टू डाई विद डिग्निटी कानून
- काजोल ने बताया ऐतिहासिक कदम
मुंबईः अभिनेत्री काजोल न सिर्फ अपने अभिनय बल्कि बेबाकी के लिए भी जानी जाती हैं और वे समय- समय पर कई मामलों को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं देती हैं. चाहे प्रोजेक्ट्स से जुड़ी खबर हो या फैमिली इवेंट, वो प्रशंसकों के साथ नए-नए पोस्ट शेयर करती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने कर्नाटक सरकार की एक ऐतिहासिक पहल को सराहा है और अपने सोशल अकाउंट पर पोस्ट शेयर किया है. बता दें कि कर्नाटक सरकार ने शनिवार (1 फरवरी) को ‘सम्मान के साथ मरने का अधिकार’ (राइट टू डाई विद डिग्निटी) कानून लागू कर दिया है, जिस पर अभिनेत्री काजोल ने प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर काजोल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है.
ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना कर्नाटक
अभिनेत्री ने कर्नाटक में लागू नए कानून की सराहना करते हुए इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन में इसे ऐतिहासिक कदम बताया है. एक न्यूज पेपर की कटिंग को शेयर करते हुए अभिनेत्री ने कैप्शन में लिखा, ‘एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कर्नाटक भारत का पहला राज्य बन गया है, जिसने गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए ‘सम्मान के साथ मरने के अधिकार’ के लिए कानूनी ढांचा तैयार किया. यह कानून एक समाधान के तौर पर मानवीय, कानूनी रूप से स्वीकृत प्रक्रिया देता है.’
‘सलाम वेंकी’ फिल्म का किया जिक्र
इसके साथ ही अभिनेत्री ने साल 2022 में रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘सलाम वेंकी’ का भी जिक्र किया. ‘सलाम वेंकी’ का निर्देशन रेवती ने किया था. बता दें कि फिल्म वास्तविक जीवन की घटनाओं पर आधारित है, जो एक मां (काजोल) और उसके बेटे (विशाल जेठवा) जो ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित रहता है की कहानी को पर्दे पर दिखाती है. ‘सलाम वेंकी’ में मरीज सम्मानजनक मौत के लिए सिस्टम से कानूनी रूप से लड़ाई लड़ता है. हालांकि, उनकी ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी. वहीं, शेयर की गई न्यूज पेपर कटिंग में लिखा था, ‘कर्नाटक सरकार ने गंभीर रूप से बीमार लोगों को ‘सम्मान के साथ मरने का अधिकार’ दिया है.’
सम्मान से मर सकते हैं लाइलाज रोग से पीड़ित मरीज
बता दें, कर्नाटक इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. इस कानून के तहत गंभीर रूप से बीमार या लाइलाज रोग से पीड़ित मरीज यह निर्णय ले सकते हैं कि वह अपने इलाज (दवाइयों या वेंटिलेटर) को जारी रखना चाहता है या नहीं. इस बीच वर्कफ्रंट की बात करें तो काजोल ‘दो पत्ती’ में नजर आई थीं, जिसमें उन्होंने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी. फिल्म में कृति सेनन डबल रोल में नजर आई थीं.
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 02, 2025, 16:17 IST
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