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Agency:Local18
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Kerala: पद्मनाभन ने 25 साल पहले अपनी कब्र खोदी थी और मौत का इंतजार कर रहे थे. लेकिन, अपनी इच्छा के बावजूद, उनकी मृत्यु के बाद उन्हें अपनी बनाई कब्र में दफन होने का मौका नहीं मिला.
प्रतीकात्मक तस्वीर
पथानामथिट्टा के एक छोटे से गांव के रहने वाले पद्मनाभन ने 25 साल पहले कुछ ऐसा किया था, जो शायद आपको भी हैरान कर दे. उन्होंने खुद अपनी कब्र खोदी और मौत का इंतजार करने लगे. ये सिर्फ एक अजीब घटना नहीं थी, बल्कि उस समय यह खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई थी. लोग यह सोचने लगे थे कि ऐसा क्यों किया और इसके पीछे क्या राज था.
खुद के लिए कब्र तैयार करना
पद्मनाभन ने अपनी कब्र बनाने के लिए करीब छह फीट लंबी और चौड़ी खुदाई की. यह किसी फिल्मी कहानी की तरह लगता था, लेकिन यह सच्चाई थी. उन्होंने अपने रिश्तेदारों से कहा था कि उनकी मौत के बाद उन्हें उसी कब्र में दफन किया जाए. क्या आपने कभी सोचा है कि कोई व्यक्ति अपनी मौत के बारे में इतना सोचकर कदम उठाए? पद्मनाभन ने ऐसा किया, और लोग यह देखकर चौंक गए.
कब्र में दफन होने की इच्छा पूरी नहीं हुई
25 साल बाद, जब पद्मनाभन का निधन हुआ, तो उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी. उन्होंने पहले ही अपनी कब्र बनाने के बाद वह घर और ज़मीन बेच दी थी और अपनी बेटी के घर थोडुपुझा में रहने चले गए थे. जब उनका निधन हुआ, तो उनका अंतिम संस्कार थोडुपुझा के सार्वजनिक श्मशान में किया गया. इस तरह, पद्मनाभन की खुद बनाई कब्र में उन्हें दफन होने का मौका नहीं मिल पाया.
क्या था पद्मनाभन का असली उद्देश्य?
पद्मनाभन की इस अजीब इच्छा के पीछे कुछ सोच हो सकती है. क्या वह अपनी मौत के बाद भी अपनी जगह और परंपराओं से जुड़ना चाहते थे? या फिर उन्होंने जीवन के अंतिम पल को कुछ खास तरीके से जीने की कोशिश की थी? उनका यह कदम एक तरह से उनके जीवन के अनुभवों और सोच को दर्शाता है.
यादों में बसे पद्मनाभन
पद्मनाभन को उनकी ज़िंदगी में उनके दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच एक सम्मानित शख्स माना जाता था. वे इरुम्पून्निक्करा एसएनडीपी शाखा के पूर्व अध्यक्ष भी थे और उनके बारे में सभी ने अच्छे शब्द कहे. दो साल पहले उनकी पत्नी राजम्मा का भी निधन हुआ था, और अब उनके बाद, कई लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए थोडुपुझा पहुंचे.
February 04, 2025, 15:37 IST
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