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ऑस्ट्रेलिया ने सुरक्षा जोखिमों के चलते चीन के एआई प्रोग्राम डीपसीक को सरकारी डिवाइसों पर बैन किया है. इससे पहले इटली, ताइवान और अमेरिका भी इसे बैन कर चुके हैं.
विशेषज्ञों ने उपयोगकर्ताओं को इस डीपसीक का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने और संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है.
नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया ने चीन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम डीपसीक को सभी सरकारी डिवाइसों पर बैन कर दिया है. डीपसीक को सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए प्रतिबंधित किया गया है. सरकार ने 4 फरवरी, मंगलवार को यह घोषणा की. ऑस्ट्रेलिया से पहले इटली, ताइवान और अमेरिका भी अपने सरकारी विभागों में इस एआई प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगा चुके हैं. यूरोप और अन्य देशों में भी DeepSeek की सुरक्षा संबंधी जोखिमों की गहन जांच की जा रही है. कई सरकारें इस पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने दो साल पहले चाइनीज सोशल मीडिया ऐप TikTok पर भी सरकारी डिवाइसों में प्रतिबंध लगाया था. अब DeepSeek पर प्रतिबंध लगाकर ऑस्ट्रेलिया ने अपनी साइबर सुरक्षा नीति को और कड़ा कर दिया है.
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में आस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय के सचिव ने सभी सरकारी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे DeepSeek के उत्पादों, एप्लिकेशन्स और वेब सेवाओं के उपयोग को रोकें और जहां भी ये सेवाएं पहले से मौजूद हैं, उन्हें तुरंत हटा दें. गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि DeepSeek सरकार की तकनीकी सुरक्षा के लिए “अस्वीकार्य जोखिम” पैदा करता है. उन्होंने इसे “ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए जरूरी कदम” बताया. हालांकि यह प्रतिबंध केवल सरकारी प्रणालियों और उपकरणों तक सीमित रहेगा और निजी नागरिकों के उपकरणों पर लागू नहीं होगा.
डीपसीक ने मचा रखी है खलबली
DeepSeek पिछले महीने लॉन्च होने के बाद से ही चर्चा में है. अमेरिका में ऐपल ऐप स्टोर पर यह सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मुफ्त ऐप बन गया है. DeepSeek चैटजीपीटी (ChatGPT) को कड़ी टक्कर दे रहा है. यह एआई मॉडल अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी सस्ता है और इसमें कम उन्नत चिप्स की आवश्यकता होती है, जिससे पश्चिमी देशों के चिप निर्माताओं और डेटा सेंटरों में भारी निवेश पर सवाल उठने लगे हैं.
सावधानी से करें इस्तेमाल
कई प्रमुख एआई विशेषज्ञों ने उपयोगकर्ताओं को इस डीपसीक का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने और संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है. उनका मानना है कि डीपसीक में दर्ज किया गया डेटा चीनी सरकार की पहुंच में हो सकता है, जिससे यूजर्स की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है.
संयुक्त राष्ट्र की एआई सलाहकार डेम वेंडी हॉल ने DeepSeek के संभावित खतरों को उजागर करते हुए कहा, “यदि आप एक चाइनीज टेक कंपनी हैं और सूचना से संबंधित कार्य कर रहे हैं, तो आप चीनी सरकार के नियमों के अधीन हैं. कंपनियां सरकार के साथ जानकारियां सांझा करने के लिए बाध्य हैं.” DeepSeek जैसी कंपनियों को चीनी सरकार के निर्देशों का पालन करना पड़ता है, जिससे उपयोगकर्ताओं के डेटा की गोपनीयता सवालों के घेरे में आ जाती है.
New Delhi,New Delhi,Delhi
February 05, 2025, 10:22 IST
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