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मारियो सैलसीडो (Mario Salcedo) क्यूब के व्यापारी हैं और पिछले 25 सालों से जहाज ही उनका घर है. दरअसल, मारियो, बहुत लंबे वक्त से अपना ज्यादातर समय सिर्फ क्रूज पर ही बिताते हैं.
शख्स 25 सालों से क्रूज पर रह रहा है. (फोटो: Mario Salcedo)
हाइलाइट्स
- मारियो सैलसीडो 25 सालों से क्रूज पर रह रहे हैं
- मारियो हर साल क्रूज पर 88 लाख रुपये खर्च करते हैं
- लंबे समय तक क्रूज पर रहने से मारियो को जमीन पर चलने में दिक्कत होती है
समुद्र के पास जाना, जहाज से समुद्र पर सफर करना और उसकी खूबसूरती के मजे लेना कौन नहीं चाहता. इस वजह से लोग घंटों बीच पर बिता देते हैं. जो ज्यादा एडवेंचर पसंद करते हैं, वो सीधे क्रूज शिप्स की यात्रा पर निकल जाते हैं. क्रूज शिप यानी वो जहाज जो होटल की तरह होते हैं और उसमें लोग रहने से लेकर मनोरंजन की अन्य चीजें करते हैं, साथ में अलग-अलग देशों की यात्रा भी करते हैं. मगर लंबे वक्त तक शिप पर रहना कई लोगों के लिए मुश्किल साबित होता है. एक व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही हुआ, जो 25 सालों से जहाज पर ही यात्रा कर रहा है. आलम ये है कि अब वो जमीन पर चलना ही भूल चुका है. उसके कदम लड़खड़ाने लगे हैं.
न्यूयॉर्क पोस्ट वेबसाइट के अनुसार मारियो सैलसीडो (Mario Salcedo) क्यूब के व्यापारी हैं और पिछले 25 सालों से जहाज ही उनका घर है. दरअसल, मारियो, बहुत लंबे वक्त से अपना ज्यादातर समय सिर्फ क्रूज पर ही बिताते हैं. ट्रैवल मैग्जीन कॉन्ड नास्ट ट्रैवलर से हाल ही में बात करते हुए मारियो ने अपनी लाइफ के बारे में बताया. उन्हें क्रूज की दुनिया में सुपर मारियो कहा जाता है. हाल ही में उन्होंने अपनी 1000 वीं क्रूज यात्रा की.
क्रूज पर खर्च करता है 88 लाख रुपये
हाल ही में उन्होंने रॉयल कैरीबियन क्रूज से 5 जनवरी को मियामी से सफर शुरू किया और पनामा-साउथ कैरिबियन तक की यात्रा की. ये सफर 11 रातों का था. उन्होंने बताया कि वो हर साल लगभग 88 लाख रुपये क्रूज पर खर्च करते हैं और वहीं से अपना काम भी करते हैं. दिन में वो करीब 5 घंटे काम करते हैं और बाकी के समय वो आराम करते हैं. डेली मेल से बात करते हुए द फैमिली क्रूज कंपैनियन के फाउंडर और सीईओ एलेन वॉरेन ने मारियो की कंडीशन के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि इस कंडीशन को मैल डे डीबार्कमेंट सिंड्रोम कहते हैं. आसान शब्दों में बताएं तो इस कंडीशन में अगर इंसान रुका भी है, तब भी उसे लगता है कि वो हर वक्त चल रहा है.
लड़खड़ाने लगते हैं पैर
क्रूज शिप पर ज्यादा वक्त बिताने से शरीर भी उसी के अनुसार बदलने लगता है. लोगों को शिप के हिलने की आदत पड़ जाती है, शरीर नाव के हिलने के अनुसार ढल जाता है. पर फिर सख्त जमीन पर चलना काफी मुश्किल लगने लगता है. इस कंडीशन को आसान शब्दों में ‘सी लेग्स’ भी कहते हैं. इस सिंड्रोम से ग्रसित लोग ठीक ढंग से चल नहीं पाते, उनके पैर लड़खड़ाने लगते हैं. यूं तो आमतौर पर कंडीशन 24 घंटों में खत्म हो जाती है. पर कई बार ठीक होने में महीनों और साल भी लग जाते हैं. मारियो ने बताया कि वो 1997 से क्रूज पर सफर कर रहे हैं. महामारी की वजह से साल 2020 में वो 15 महीनों के लिए जमीन पर रहने आए थे, पर फिर क्रूज पर लौट गए.
February 06, 2025, 08:51 IST
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