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एक महिला के घर को सुनसान जान एक पेस्ट कंट्रोल कर्मचारी के अंदर के नजारे से होश उड़ गए. उसने जो लाश के अवशेष देखे वो कुछ दिन नहीं बल्कि 6 महीने पुराने थे. छानबीन पर पता चला कि महिला सालों से अकेली ही रह रही थी. …और पढ़ें
यूके में अकेले और सुनसान घर कम नहीं हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाइलाइट्स
- पेस्ट कंट्रोल कर्मचारी को घर में 6 महीने पुरानी लाश मिली
- महिला दो साल से अकेली रह रही थी, किसी से संपर्क नहीं था
- महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और किसी की मदद नहीं लेती थी
इस तरह की घटनाएं कभी कभी सुनने को मिल जाती हैं जब किसी घर में कोई शख्स कुछ दिन से ही मरा पड़ा हो और फिर पड़ोसियों को शक होने पर पुलिस ने उसके बंद घर से उसकी लाश बरामद की हो. लेकिन छह महीने पहले मरी किसी महिला की दो साल तक किसी ने सुध ना ली हो, ऐसा नहीं होता है, लेकिन ब्रिटेन में कई सालों से अकेली रह रही एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ. उसके घर के आसपास के लोगों तक ने उसे दो साल से नहीं देखा था. लेकिन जब पेस्ट कंट्रोल कर्मचारी को लगा कि यह घर खाली है और उसने घर को देखा तो तब उसके होश उड़ गए जब उसने महिला की छह महीने पुरानी लाश को देखा.
अकेली ही रह रही थी ओमहोनी
ब्रिटेन के को कॉर्क में पिछले साल ही हुई इस घटना ने लोगों को दहला कर रख दिया जब ज्यॉस ओमहोनी को कंकाली अवशेषों को उनकी ही घर में पाया गया. लेकिन संयोगवश माहोनी के साथ बीते दो साल से किसी का संपर्क नहीं था. 57 साल की यह महिला किसी से मिले जुले बिना ही साधु की तरह अकेले ही रह रही थी.
नहीं ली कभी किसी की मदद
क्रूक कोर्ट को पता चला कि वह केवल रात को ही घर से घरेलू सामान लेने निकाला करती थी. उसके परिवार के सदस्य भी कई बार उसकी मदद की पेशकश कर हार चुके थे. जेरार्ड ओकॉनोर नाम के उनके पड़ोसी ने भी बताया कि उन्हें कभी भी दिन के समय नहीं देखा गया था. वहीं इससे पहले ओमहोनी की बहन ने गार्डा अफसरों को उनके हालचाल के लिए भेजा तो उन्होंने गार्ड्स को दरवाजे ही लौटा दिया कि वे किसी से भी मिलना नहीं चाहती हैं.
महिला के इस घर के आसपास दो साल से उसे नहीं देखा गया था. (तस्वीर: Corkbro)
2022 में दिखी थी पिछली बार
संयोग ये कि ओकॉनोर को भी हमेशा ही लगता रहा कि ओमहोनी रात को घर के पीछे की लाइट जला देती थीं. उनका कहना है कि उन्होंने पिछली बार उन्हें अक्टूबर 2022 में घर के बाहर चलते हुए देखा था. यहां तक कि ओमहोनी ने उन्हें सालों पहले आपातस्थिति के लिए घर की चाबियां तक दी थीं, लेकिन बाद में अपनी मां की मौत के बाद उन्होंने उसे वापस ले लिया था.
खुद भी थी बीमार
ओमहोनी की डॉ क्लेयर मैकार्थी ने उनकी हालत को मानसिक रूप से सेहतमंद नहीं बताया था. उन्हें कि मनोविकारों की भी समस्याएं थी. उनके मुताबिक ओमहोनी ने यूके के एक्स रे विभाग में काम किया था. वहीं उनके परिवार का कहना है कि पिता की मौत के बाद वे खुद को औरों से बहुत दूर रखती थीं. उन्होंने कई बार उनसे मिलने की कोशिश भी की.
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बाद में वे अपनी मां की देखभाल करने लगी थीं जो खुद डिमेंशिया से पीड़ित थीं. लेकिन उन्होंने कभी किसी की मदद लेना पसंद नहीं किया. अधिकारियों का कहना है कि यह अपनी तरह का बहुत ही दुर्लभ संयोंगों से भरा हुआ मामला है. जिसमें किसी भी तरह से बाहरी तत्वों की कोई भूमिका नहीं पाई गई है
February 08, 2025, 08:01 IST
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