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सलमान खान ने शेयर किया 45 मिनट के डरावने विमान सफर का एक्सपीरिएंस

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सलमान खान ने अपने एक विमान एक्सपीरिएंस की कहानी शेयर की. उन्होंने बताया की उनका एक्सपीरिएंस कैसा था. उन्होंने कहा की जब वो श्रीलंका से लौट रहे थे तो 45 मिनट के टर्बुलेंस का डरावना एक्सपीरिएंस हुआ. तभी सभी पैसें…और पढ़ें

सलमान खान ने शेयर किया 45 मिनट के डरावने विमान सफर का एक्सपीरिएंस

सलमान खान का विमान के सफर का एक्सपीरियंस…(फोटो साभार- file photograph)

हाइलाइट्स

  • सलमान खान ने विमान में 45 मिनट के टर्बुलेंस का अनुभव साझा किया.
  • श्रीलंका से लौटते समय विमान में तेज झटके लगे.
  • एयर होस्टेस प्रार्थना कर रही थी, पायलट भी घबराए हुए थे.

नई दिल्ली : सलमान खान ने हाल ही में एक डरावना विमान के सफर का एक्सपीरिएंस शेयर किया. उन्होंने बताया कि एक बार वे आईफा अवॉर्ड्स के बाद श्रीलंका से लौट रहे थेऔर उनकी फ्लाइट में 45 मिनट तक टर्बुलेंस (विमान में झटके) हुए थे. इस दौरान सभी पैसेंजर्स घबरा गए थे. सलमान ने बताया कि शुरुआत में सभी हंसी-मजाक कर रहे थे, लेकिन अचानक विमान में तेज झटके लगने लगे. पहले तो ये नार्मल लगा, लेकिन बाद में आवाज तेज हो गई और पूरे विमान में सन्नाटा छा गया. सलमान और उनके भाई सोहेल एक ही फ्लाइट में थे और सलमान ने देखा कि सोहेल सो रहा था. ये झटके 45 मिनट तक जारी रहे. सलमान ने एयर होस्टेस को देखा जो प्रार्थना कर रही थी और तभी उन्हें एहसास हुआ कि ये सीरियस ईशु है. पायलट भी घबराए हुए थे, जबकि आमतौर पर वे शांत रहते हैं. सलमान ने कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति केवल फिल्मों में देखी थी.

क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

एयर टर्बुलेंस दरअसल अस्थिर हवा का परिणाम होती है, जो विमान को झटका देती है. बहुत से लोग सोचते हैं कि ये केवल खराब मौसम या तूफान में होता है, लेकिन असल में ये तब भी हो सकता है जब मौसम साफ हो और आसमान में कोई खतरा न हो.

टर्बुलेंस आमतौर पर उच्च ऊंचाई पर मौजूद जेट स्ट्रीम (हवा की धाराएं) के वजह से होता है. ये तब होता है जब हवा की दो धाराएं अलग-अलग गति से बहती हैं, और यदि उनकी गति में अंतर ज्यादा हो तो वातावरण उसका दबाव नहीं संभाल पाता और हवा की धाराएं टूट जाती हैं, जिससे विमान में हलचल पैदा होती है.

एयर टर्बुलेंस कितना सामान्य है?

हर साल लगभग 68,000 एयर टर्बुलेंस की घटनाएं होती हैं, जिनमें हल्के और खतरनाक दोनों तरह के टर्बुलेंस शामिल होते हैं. 2009 से 2022 के बीच अमेरिका में टर्बुलेंस के कारण 163 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें अस्पताल में कम से कम दो दिन रहना पड़ा. इस दौरान सबसे ज्यादा खतरे का सामना विमान चालक दल को होता है, क्योंकि वे अपनी सीट बेल्ट नहीं बांधते.

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के वजह से टर्बुलेंस की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है. रिसर्च में पाया गया कि पिछले कुछ दशकों में साफ हवा में होने वाली टर्बुलेंस की घटनाएं बढ़ी हैं. ये मेन वजह से वायुमंडलीय बदलाव और कार्बन उत्सर्जन के वजह से हो रहा है, जिससे हवा की गति में बदलाव आया है.

टर्बुलेंस कब ज्यादा होता है?

गर्मी के मौसम में टर्बुलेंस की घटनाएं ज्यादा होती हैं, क्योंकि पृथ्वी का तापमान बढ़ने लगता है. ये तब होता है जब हवा के तापमान में परिवर्तन होता है और विमान उन धाराओं से टकराते हैं जो अलग-अलग गति से बह रही होती हैं.

क्या टर्बुलेंस का अनुमान लगाया जा सकता है?

कुछ मामलों में टर्बुलेंस का अनुमान 18 घंटे पहले लगाया जा सकता है, लेकिन कई बार अचानक हवा का रुख बदल जाता है, और ऐसे में भविष्यवाणी करना मुश्किल हो जाता है. आधुनिक विमानों में ऐसे सेंसर्स होते हैं, जो पहले ही टर्बुलेंस का पता लगा लेते हैं, जिससे पायलट यात्रियों को चेतावनी दे सकते हैं या उड़ान का रूट बदल सकते हैं.

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