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Mamta Kulkarni News: किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाई गईं ममता कुलकर्णी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस बीच ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद देने वाली किन्नर अखाड़ा की मां लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इस प…और पढ़ें
ममता कुलकर्णी के लिए धर्म के ठेकेदारों पर बरसीं लक्ष्मी नारायण.
नई दिल्ली. 90 के दशक का बोल्ड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया, लेकिन सिर्फ 7 दिनों के अंदर उन्हें पदहीन कर दिया गया. ममता के साथ गाज किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर रहीं मां लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर गिरी. उन्हें भी अखाड़े ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. पद से इस्तीफा देने के बाद ममत कुलकर्णी ने पहली बार बयान दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि 25 सालों से तपस्या कर रही हैं और 25 साल से साध्वी हूं और आगे भी साध्वी रहूंगी. ममता कुलकर्णी के इस बयान के बाद लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी धर्म के ठेकेदारों पर जमकर बरसीं.
ममता कुलकर्णी ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद साफ-साफ शब्दों में कहा कि वह साध्वी थीं और रहेंगी. मुझे महामंडलेश्वर की पदवी देने पर कुछ लोगों को आपत्ति हो गई. इस विवाद के चलते वह अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं. ममता के इस बयान के बाद किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर रहीं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने चुप्पी तोड़ी है.
‘ममता अगर इस्लाम में चली जाती तो…’
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी धर्म के ठेकेदारों पर जमकर बरसीं. उन्होंने कहा, ‘ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़ा की अंग थीं, हैं… वो और हमेशा रहेंगी.’ उन्होंने कहा, ‘मेरी उनसे लगातार बात हो रही है. यही ममता अगर इस्लाम में चली जाती तो धर्म के तथाकथित ठेकेदार तब क्या करते? इस बारे में तब कोई कुछ नहीं बोलता.’
ममता कुलकर्णी का महाकुंभ में संन्यास लेना भी विवादों से भरा रहा है.
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कराया था पट्टाभिषेक
ममता कुलकर्णी को 24 जनवरी को किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाया गया था. अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उनका पिंडदान और पट्टाभिषेक कराया था. जिसके बाद उन्हें श्रीयामाई ममता नंद गिरी नाम दिया गया था. हालांकि बाद में विरोध बढ़ा और उन्हें पदहीन कर दिया.
‘काफी लोगों को मेरे से दिक्कत हो गई…’
सोमवार को ममता कुलकर्णी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें उन्होंने पद से इस्तीफा देने की बात की थी. उन्होंने कहा था- ‘महामंडलेश्वर बनाकर मुझे जो सम्मान दिया गया था, उसको लेकर अखाड़े में विवाद शुरू हो गया था. मुझे बॉलीवुड को छोड़े 25 साल हो गए हैं. मेकअप और बॉलीवुड को छोड़ना आसान नहीं है. मैंने देखा कि मेरे महामंडलेश्वर बनाए जाने से काफी लोगों को दिक्कत हो गई. मेरे जो गुरु हैं जिनके सानिध्य में मैंने घोर तपस्या की, उनके बराबर तो मुझे कोई दिखता नहीं है. मुझे किसी कैलाश या मनसरोवर जाने की जरूरत नहीं है. जिन लोगों को मुझसे आपत्ति है, उनके बारे में मैं कम बोलूं तो बेहतर होगा.’
महामंडलेश्वर बनने के 7 दिन बाद ही उनसे ये पद छीन लिया गया था.
25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया और अब…
वो यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने आगे कहा, ‘महामंडलेश्वर के रूप में मुझे जो सम्मान मिला, वह 25 साल तक तैराकी सीखने और फिर बच्चों को इसे सिखाने जैसा था, लेकिन महामंडलेश्वर के रूप में मेरी नियुक्ति के बाद जो आक्रोश हुआ, वह अनावश्यक था. मैंने 25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया और फिर मैं गायब हो गई और हर चीज से दूर हो गई. मैं जो कुछ भी करती हूं, उस पर लोगों की बहुत अधिक प्रतिक्रियाएं होती हैं.’
किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने था कार्रवाई
आपको बता दें कि ज्योतिषिपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, योग गुरू बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उन्हें ये पदवी दिए जाने पर सवाल उठाए थे. मामला बढ़ा तो कार्रवाई किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने की थी. उन्होंने ममता और आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी पदमुक्त कर दिया था. हालांकि, महामंडलेश्वर पद से हटाए जाने पर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि अजय दास मुझे अखाड़े से निकालने वाले कौन होते हैं, उन्हें तो 2017 में ही अखाड़े से निकाल दिया गया था.
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 11, 2025, 13:12 IST
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