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13-14 फरवरी के रोज ब्राजील के बेला रोसा इलाके में एक हैरान करने वाली घटना घटी. अमेजन के जंगलों के पास पुरुस नाम की नदी बहती है. नदी के पास ही एक ग्रामीण बस्ती है. वहां अचानक एक लड़का जंगलों से निकलकर आ गया. वो …और पढ़ें
लड़का 24 घंटों में ही अपने लोगों के पास लौट गया. (फोटो: AP)
हाइलाइट्स
- जंगल से आया लड़का 24 घंटों में वापस लौटा
- ग्रामीणों ने लड़के को लाइटर से आग जलाना सिखाया
- लड़के को बाहरी दुनिया पसंद नहीं आई
एक वक्त था जब हर इंसान जंगलों में रहता था, वहीं पर अपनी दुनिया बसाता था. धीरे-धीरे जब शहरीकरण हुआ तो लोग शहरों में बसने लगे और जंगलों को छोड़ दिया. पर आज भी बहुत सी ऐसी जनजातियां हैं, जो जंगलों में रहती हैं. इन जनजाति के लोग, शहर या सभ्यता से दूर रहना पसंद करते हैं. इस वजह से जब ये ग्रामीण या शहरी इंसानों से मिलते हैं, तो बिल्कुल हैरान-परेशान नजर आते हैं. हाल ही में ब्राजील में ऐसा ही हुआ. यहां पर एक जनजाति का लड़का जंगल से बाहर आ गया और एक गांव में पहुंच गया. गांव वालों ने उसे लाइटर से आग जलाना सिखाया. हालांकि, वो लड़का 24 घंटे में ही अपने घर लौट गया.
न्यूज एजेंसी असोशिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 13-14 फरवरी के रोज ब्राजील के बेला रोसा इलाके में एक हैरान करने वाली घटना घटी. अमेजन के जंगलों के पास पुरुस नाम की नदी बहती है. नदी के पास ही एक ग्रामीण बस्ती है. वहां अचानक एक लड़का जंगलों से निकलकर आ गया. वो लड़का एक जनजाति का सदस्य था जो जंगलों में एकांत में रहती है और सभ्यता से कभी नहीं मिलती-जुलती. लड़का पहली बार ग्रामीण इलाके में पहुंचा था. लोगों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वो स्वस्थ लग रहा था, उसके एक लंगोट पहनी थी. उसके हाथ में दो लकड़ी की टहनियां थीं जिसे वो लोगों की ओर हिलाकर इशारा कर रहा था.
लड़का अपने साथ लकड़ी लिया हुआ था. (फोटो: AP)
लोगों ने लाइटर जलाना सिखाया
ग्रामीणों का मानना है कि वो लड़का आग जलाने का इशारा कर रहा था. एक ग्रामीण व्यक्ति ने उसे लाइटर से आग जलाना सिखाया. हालांकि, वो सीख नहीं पाया. ब्राजील की जनजातीय मामलों की एजेंसी, फुनाई के लोग जल्द ही वहां पहुंच गए और उस लड़के को मछली खाने को दिया गया. उसके बाद उसे पास के ही एक केयर सेंटर ले जाया गया, जिसे एजेंसी के लोग ही चलाते थे.
अपने घर लौट गया लड़का
असोशिएटेड प्रेस की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार लड़के को शायद बाहरी दुनिया पसंद नहीं आई और वो 24 घंटों में ही अपने लोगों के पास वापिस जंगल लौट गया. लड़का बिना चप्पल के था. लड़के की जांच हुई, जिससे पता चल सके कि वो किसी बीमारी से तो ग्रस्त नहीं है. उसके बाद एजेंसी ने ये भी सुनिश्चित किया कि ग्रामीण उस लड़के का पीछा कर के उसके इलाके तक न पहुंच जाएं. ब्राजील में ये नियम है कि लोग या प्रशासन इन जनजाति के लोगों से सक्रीय संपर्क नहीं साधते हैं, बल्कि जिस जगह पर वो दिखाई देते हैं, उस जगह को सुरक्षित इलाका बना देते हैं और उसे मॉनिटर करने लगते हैं, जिससे आगे कभी किसी जनजाति के लोग वहां पर आएं, तो उनकी सुविधा का ध्यान रखा जा सके. लोकल लोगों ने लड़के का वीडियो बना लिया.
February 16, 2025, 12:24 IST
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