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शादी के बाद 3 दिन तक कमरे में रहते हैं दूल्हा-दुल्हन, घरवाले नहीं जाने देते टॉयलेट, चौंका देगी वजह!

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आज हम आपको शादी से जुड़ी एक ऐसी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर विवाह के ठीक बाद दूल्हा-दुल्हन 3 दिन तक कमरे में बंद रहते हैं. इन 3 दिनों तक दूल्हा-दुल्हन टॉयलेट भी नहीं जा सकते हैं. उन लोगों पर घर…और पढ़ें

शादी के बाद 3 दिन दूल्हा-दुल्हन को टॉयलेट नहीं जाने देते घरवाले, जानिए क्यों?

उस जनजाति की शादी की एक तस्वीर. (फोटो: beautyincultures.wordpress.com)

दुनियाभर के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसी परंपराएं हैं, जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है. खासकर शादी से जुड़े रिवाज तो कुछ ज्यादा ही विचित्र होते हैं. कहीं पर शादी के ठीक बाद सुहागरात वाले दिन दूल्हा-दुल्हन के कमरे में लड़की की मां मौजूद रहती है, तो कहीं पर दुल्हन बनी लड़की के दोस्त ही उसे किडनैप कर ले जाते हैं. कई मामलों में तो लड़कियों की शादी पहले कुत्ते-मेंढक से करा दी जाती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी रस्म के बारे में बतलाने जा रहे हैं, जिसे निभा पाना बेहद मुश्किल होता है. दरअसल, दुनिया में एक जगह ऐसी है, जहां पर शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन 3 दिन तक कमरे के अंदर रहते हैं, ताकि वे टॉयलेट न जा सकें. आखिर वजह क्या है? लेकिन यकीन मानिए इस बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

चलिए आपको बता देते हैं कि इस अजीब ट्रेडिशन (Weird marriage custom) का पालन कहां होता है. दरअसल, इंडोनेशिया (Indonesia) और मलेशिया के बोर्नियो प्रांत (Borneo) में रहने वाले टिडॉन्ग जनजाति (Tidong tribe marriage customized) के लोग इस विचित्र परंपरा का पालन करते हैं. टिडॉन्ग का अर्थ है पहाड़ों पर रहने वाले लोग. इस जनजाति के लोग किसान होते हैं जो स्लैश एंड बर्न विधा का प्रयोग किसानी में करते हैं. इस रस्म को लेकर कई मान्यताएं हैं, जिसके चलते लोग इसे निभाते हैं. इसलिए शादी के तीन दिन बाद तक नवविवाहित जोड़ा टॉयलेट नहीं जाता. इन लोगों का मानना है कि शादी एक पवित्र समारोह होता है. ऐसे में यदि वर-वधू टॉयलेट जाते हैं तो उनकी पवित्रता भंग हो जाती है और वे अशुद्ध हो जाते हैं.

शादी की पवित्रता बरकरार रहे, इसलिए यहां शादी के तीन दिन तक दूल्हा-दुल्हन के टॉयलेट जाने पर पाबंदी रहती है. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे अपशगुन मानते हैं. दूल्हा-दुल्हन ऐसा न कर सकें, इसके लिए घरवालों की नजर हमेशा उन पर बनी रहती है. कई बार तो दूल्हा-दुल्हन को कमरे में ही 3 दिन तक बंद कर दिया जाता है. इतना ही नहीं, इस रस्म को निभाने के पीछे दूसरा कारण नवविवाहित जोड़े को बुरी नजर से बचाना होता है. इस बिरादरी के लोगों की मान्यताओं के अनुसार, जहां पर मल त्याग किया जाता है वहां गंदगी होती है, जिसके कारण वहां पर नकारात्मक शक्तियां होती है. ऐसे में अगर नवविवाहित दंपत्ति शौचालय जाएगी तो निगेटिव एनर्जी की वजह से उनके रिश्ते में दरार आ सकती है.

3 दिन तक दिया जाता कम खाना
इस जनजाति के लोगों में इस परंपरा को बड़ी कड़ाई से निभाया जाता है. घर वाले लगातार नवविवाहित लोगों पर नजर रखते हैं. 3 दिन तक वे टॉयलेट न जा सकें, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है. दूल्हा-दुल्हन को बहुत कम मात्रा में खाना दिया जाता है, ताकि उन्हें पोट्टी न लगे. पानी भी सीमित मात्रा में दिया जाता है. इस जनजाति के लोगों का मानना है कि जो कपल यह परंपरा निभा लेता है, उसकी जिंदगी खुशहाल रहती है. लेकिन जो नहीं कर पाएगा, उसकी शादी टूट जाएगी और मौत भी हो सकती है. इस चैलेंज को पास करने वाले कपल बाद में इसका जश्न मनाते हैं. वैसे बता दें कि यह प्रथा बेहद खतरनाक है, क्योंकि मलमूत्र को इतनी देर तक रोकना शरीर पर बुरा असर डालता है. लेकिन इस जनजाति के लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता.

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शादी के बाद 3 दिन दूल्हा-दुल्हन को टॉयलेट नहीं जाने देते घरवाले, जानिए क्यों?

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