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Agency:Local18
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Tamil Nadu: सलेम जिले के किसान सरवनन अपनी बैलगाड़ी से रोजाना 1000 किलो टमाटर 3 घंटे में बेच देते हैं. उनके सस्ते और ताजे टमाटर गांव में बहुत पसंद किए जाते हैं, जिससे वे एक नई पहचान बना चुके हैं.
रोज 1000 किलो टमाटर बेचने वाला किसान
क्या आपने कभी सुना है कि कोई किसान सिर्फ अपनी बैलगाड़ी से 1000 किलो टमाटर तीन घंटे में बेच दे? अगर नहीं, तो ये कहानी पढ़िए! सलेम जिले के काडैयामपट्टी गांव में रहने वाले किसान सरवनन हर रोज़ अपनी बैलगाड़ी से ऐसा ही कारनामा करते हैं. उनकी बैलगाड़ी की आवाज सुनते ही गांव में लोग दौड़ पड़ते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि यहां मिलेंगे ताजे और सस्ते टमाटर.
टमाटर का नया तरीका, सस्ते दाम और खुश ग्राहक
सरवनन के टमाटर सिर्फ ताजे ही नहीं, बल्कि बेहद सस्ते भी होते हैं. बाजार में एक किलो टमाटर 40 रुपये का मिलता है, लेकिन सरवनन तीन किलो टमाटर सिर्फ 50 रुपये में बेचते हैं. अब तो उनकी फसल इतनी बढ़िया हो गई है कि वह चार किलो टमाटर भी 50 रुपये में बेचते हैं. यही कारण है कि लोग उनके पास आने से नहीं थकते. अगर आप सोच रहे हैं कि यह कैसे संभव है, तो इसका राज है सरवनन की बैलगाड़ी और उनका सीधा, बिना किसी बिचौलिए के, ग्राहकों से जुड़ाव.
खेती का पैशन, बैलगाड़ी से बिक्री का अंदाज
सरवनन ने खेती में अपना करियर करीब 40 साल पहले शुरू किया था. उन्होंने बताया, “हमारे परिवार की परंपरा है खेती. मेरे पिता भी किसान थे, और अब मैं भी इस काम को आगे बढ़ा रहा हूं. हमारे पास 10 एकड़ ज़मीन है, जिसमें से दो एकड़ पर मैं टमाटर की खेती करता हूं. रोज़ाना दस मजदूर मेरे साथ टमाटर की कटाई में मदद करते हैं. इसके बाद मैं इन्हें बैलगाड़ी में भरकर बेचने निकलता हूं.”
बाजार से कम, लेकिन ताजे टमाटर
सरवनन ने बताया कि उन्हें बाजार में टमाटर ले जाना पसंद नहीं है. कभी-कभी वहां सही कीमत नहीं मिलती, और टमाटर भी खराब हो सकते हैं. लेकिन बैलगाड़ी से बेचने का तरीका उनके लिए सही है. “बैलगाड़ी ही मेरी पहचान है,” वे कहते हैं. इस तरीके से सरवनन रोज़ाना 1000 किलो से ज्यादा टमाटर तीन घंटे में बेच डालते हैं. कम कीमत और ताजे टमाटर होने के कारण लोग उनकी बैलगाड़ी का इंतजार करते हैं.
किसान का सपना और संघर्ष
यहां तक कि सरवनन ने टमाटर के अलावा कई और फसलें भी उगाई हैं, जैसे धान, प्याज, चना और रागी. उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी खेती से इतनी पहचान बनेगी. 40 साल पहले जब मैंने खेती शुरू की थी, तो मुझे सिर्फ अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम करना था. लेकिन आज मैं खुश हूं कि मैं सस्ते दामों पर लोगों को ताजे टमाटर दे पा रहा हूं.” सरवनन के लिए खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि उनका पैशन है, और इस पैशन ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है.
February 18, 2025, 14:30 IST
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