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हवाई जहाज में बिजनेस क्लास की सीटें अक्सर खाली रहती हैं. वहीं इकोनॉमी क्लास भरी होती हैं. एयरलाइन्स अपग्रेड नीति के तहत कुछ घंटे पहले ही अपग्रेड का विकल्प देती हैं. लेकिन फिर भी सीट खाली होने प फ्री अपग्रेड दुर…और पढ़ें
बिजनेस क्लास की सीटें हमेशा ही भरी नहीं होती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुनिया में कई एयरलाइन्स ऐसा करती हैं. देखा जाता है कि विमानों में अक्सर बिजनेस क्लास की सीटें इकोनॉमी क्लास से कहीं अधिक होती हैं. ऐसा नहीं भी हो तो यह देखा जाता है कि जहां इकोनॉमी क्लास की सीटें भरी होती हैं, वहीं बिजनेस क्लास की कुछ सीटें खाली जाती हैं. हवाई जहाज से सफर करने वाले कई लोग अक्सर बताते रहते हैं कि खाली होने के बाद भी बिजनेस क्लास की सीटें खाली ही रह जाती हैं, जबकि कई इकोनॉमी क्लास के लोग अपग्रेड करना चाहते थे. आखिर ऐसा क्यों होता है आइए इसका कारण जानते हैं.
अक्सर काफी खाली रहती है बिजनेस क्लास
दुनिया में बहुत सी एयरलाइंस में यह सब आम बात है. सीजन छोड़ दें तो अक्सर विमानों में बिजनेस क्लास पूरी भरी नहीं होती है. वहीं इकोनॉमी क्लास में सीटें ज्यादातर भरी होती हैं. तो क्या ऐसे में एयरलाइन्स अपग्रेड नहीं अपना सकती हैं. भारत सहित दुनिया के कई देशो में अपग्रेड नीति होती है जिसमें एयरलाइन लोगों को इकोनॉमी से बिजनेस क्लास में अपग्रेड को चुनने का विकल्प केवल कुछ घंटे पहले तक ही देते हैं.
एक बड़ा कारण ये भी
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिजनेस क्लास के लिए कई सुविधाओं को देने के लिए एयरलाइन्स को तैयारी करनी पड़ती है. जैसे कि भोजन और ड्रिंक्स आदि की व्यवस्था. अगर वे किसी को इकोनॉमी से तुरंत ही बिजनेस क्लास में अपग्रेड करते हैं तो यह खुद एयरलाइंस को महंगा पड़ सकता. ऐसी ही दलील इस बारे में भी दी जाती है कि कई एयरलाइंस इसी वजह से फ्लाइट से ठीक पहले भी किसी को बिजनेस क्लास का टिकट नहीं देती हैं.
हर एयरलाइंस की अपनी एक अपग्रेड नीति होती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Canva)
अपग्रेड एक दुर्लभ विकल्प ही रहे
वहीं कई एक्स्पर्ट्स का कहना है कि फ्री अपग्रेड किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को हलका कर देता है. इसी नियम के तहत फ्री अपग्रेड की प्रक्रिया बहुत ही दुर्लभ है. खास मौकों और खास ग्राहकों को ही ऐसी सुविधा अपवाद स्वरूप ही दी जाती है और अक्सर यह एक ऑटोमैटिक सुविधा भी होती है.
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लेकिन ऐसा आम तौर पर नहीं होता है कि फ्लाइट में ही अपग्रेड हो जाए. फिर भी अपवाद देखने को मिलते हैं, जब एयरलाइन ने इकोनॉमी की सीटों की बिक्री क्षमता से ज्यादा कर दी हों, तब जरूर एयरलाइन जिम्मेदारी के चलते फ्री अपग्रेड करती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि अतिरिक्त यात्रियों को होटल में रुकवा कर उन्हें अगली फ्लाइट से भेजने उन्हें महंगा पड़ सकता है.
February 17, 2025, 20:37 IST
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