[ad_1]
Agency:Local18
Last Updated:
Kolhapur Rare Motorcycle: कोल्हापुर में एक निवासी के पास बीएसए मोटरसाइकिल ब्रांड की बी 31 गाड़ी है, जो दूसरी विश्व युद्ध में महत्वपूर्ण थी. यह गाड़ी आज भी अच्छी स्थिति में है.
कोल्हापुर में बीएसए बी 31 विंटेज बाइक
हाइलाइट्स
- कोल्हापुर में बीएसए बी 31 बाइक आज भी अच्छी स्थिति में है.
- दूसरी विश्व युद्ध में बीएसए बी 31 बाइक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
- बीएसए कंपनी ने 1903 में पहली मोटरसाइकिल बनाई थी.
कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर के लोगों की शौक की कोई सीमा नहीं है. यहां कुछ विंटेज गाड़ियों के शौकीनों के पास स्वतंत्रता पूर्व काल की गाड़ियां भी हैं. ऐसी ही एक गाड़ी कोल्हापुर में है, जिसे दूसरी विश्व युद्ध के समय एक प्रसिद्ध साइकिल निर्माता कंपनी ने बनाया था. खास बात यह है कि बीएसए मोटरसाइकिल ब्रांड की बी 31 गाड़ी ने दूसरी विश्व युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. एक समय में प्रतिष्ठित मानी जाने वाली यह गाड़ी अब बाजार में नहीं है, लेकिन एक कोल्हापुर निवासी के पास यह ऐतिहासिक बाइक आज भी मौजूद है. आइए, लोकल18 के माध्यम से इसके बारे में जानते हैं.
बाइक आज भी अच्छी स्थिति में है
बीएसए, जो आज साइकिल के लिए प्रसिद्ध है, यानी बर्मिंघम स्मॉल आर्म्स कंपनी, दूसरी विश्व युद्ध के समय मोटरसाइकिल और बंदूकें भी बनाती थी. खास बात यह है कि उस समय ब्रिटेन में इस कंपनी की गाड़ियां प्रतिष्ठित मानी जाती थीं और युद्ध के दौरान इनका उपयोग किया जाता था. इस प्रसिद्ध ब्रिटिश मोटरसाइकिल ब्रांड का एक बड़ा इतिहास है. कोल्हापुर में इस कंपनी की बी 31 मॉडल की बाइक आज भी अच्छी स्थिति में है.
1907 में पहला ऑटोमोबाइल प्रोटोटाइप आया
बता दें कि बीएसए कंपनी की स्थापना 1861 में इंग्लैंड में हुई थी. बर्मिंघम स्मॉल आर्म्स ट्रेड एसोसिएशन के चौदह गन्स्मिथ्स ने इसे शुरू किया था. क्रिमियन युद्ध के समय इस कंपनी ने ब्रिटिश सरकार को हथियारों की आपूर्ति की थी. हथियार व्यापार में कमी आने के बाद, उन्होंने 1880 में साइकिल बनाना शुरू किया. 1903 में इस कंपनी की पहली मोटरसाइकिल बनी और 1907 में पहला ऑटोमोबाइल प्रोटोटाइप आया.
बीएसए ऑटोमोबाइल निस्संदेह सफल रहा क्योंकि 1908 में इस कंपनी के पास 150 वाहन थे. 1920 में कंपनी ने एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की कुछ संपत्तियां खरीदीं और एक साल बाद इसका उद्योग और बढ़ गया. पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान कंपनी ने युद्ध के लिए कई राइफल, शेल्स और मोटरसाइकिलें बनाईं. ब्रिटिश सरकार को इस समय इस कंपनी की गाड़ियों और हथियारों से बड़ी मदद मिली.
स्कूल में हाथी की एंट्री! सूंड हिला बोला ‘हेलो बच्चों’.. लेकिन जब हकीकत सामने आई, सब चौंक गए
दूसरी विश्व युद्ध में धूम मचाने वाली बीएसए की बी 31 गाड़ी एक कोल्हापुर निवासी के पास है. यह गाड़ी आज भी अच्छी स्थिति में है और विंटेज गाड़ियों के विभिन्न प्रदर्शनों में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. विंटेज ओनर्स एसोसिएशन के शंतनी जाधव ने बताया कि इस रॉयल दिखने वाली गाड़ी के आसपास हमेशा भीड़ लगी रहती है.
February 19, 2025, 08:13 IST
[ad_2]
Source link