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एक अनोखी रिसर्च में वैज्ञानिकों ने ऐसा टेस्ट तैयार किया है जिससे पता चल सकेगा कि इंसान के जीवन के कितने साल बचे हैं. उनका दावा है कि इस तरीके से वे जैविक उम्र पता लगा सकते हैं. एलीसियम हेल्थ कंपनी की कीमत टेस्ट…और पढ़ें
खास बात ये है कि अब पता चल सकेगा कि इंसान और कितने दिन जी सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाइलाइट्स
- नई रिसर्च में लार से जैविक उम्र का पता चलेगा
- एलीसियम हेल्थ का टेस्ट 44 हजार रुपये का है
- टेस्ट में डीएनए के मिथाइलेशन पैटर्न की जांच होती है
हैरानी की बात नहीं है कि बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके जीवन के कितने साल बचे हैं. इसके लिए वे ज्योतिषियों के चक्कर भी लगाने को तैयार रहते हैं. वहीं विज्ञान जहां एक तरफ लोगों कि उम्र बढ़ाने के उपाय पर गहन शोध कर रहा है. ऐसी रिसर्च भी हो रही हैं जिससे इंसान की उम्र तो बढ़े, लेकिन वह कभी बूढ़ा नहीं हो. पर क्या साइंस में ऐसा उपाय है जिसेस पता चल सके कि इंसान कीकितनी उम्र बची है या वह कितने और साल जिंदा रहेगा? अभी तक को नहीं. नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने केवल लार के जरिए ही इंसान की सही जैविक उम्र पता लगाने वाला टेस्ट ईजाद किया है.
कितना समय बचा है कि इसका अनुमान?
रिसर्च में दावा किया गया है कि इन तरीकों से इंसान के जीवन के बचे हुए सालों की सटीक संख्या का अनुमान लगाया जा सकता है. आमतौर पर उम्र पृथ्वी का सूर्य के चक्कर लागने वाले समय को एक साल मान कर लगाया जाता है. लेकिन इससे हमारे शरीर की कोशिकों की स्थिति और उनकी सेहत का अंदाजा नहीं लग सकता है.
कैसे लगता है उम्र का अंदाजा?
अब कंपनियां इंसान की जैविक उम्र गणना करने के तरीके खोज रही है. इन टेस्ट के बारे में कहा जा रहा है कि उनसे यह पता चल सकता है कि इंसान के पास अब कितना समय बचा है. लेकिन आखिर ऐसा होगा कैसे? इसके जवाब भी वैज्ञानिकों ने दिया है. अध्ययन में प्रयोग में लाए गए टेस्ट में से एक में मरीज की कोशिकाओं के टेलोमेरेस को गिना जाता है.
लोग अब जान सकेंगे कि वे कम से कम और कितने साल जी सकते हैं और प्लानिंग कर सकेंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Canva)
क्या होते हैं टेलोमेरेस?
टेलोमेरेस डीएनए के सिरे होते हैं. वे तब झड़ जाते हैं जब कोशिका विभाजित होकर अपनी संख्या बढ़ा रही होती है. वैज्ञानिकों को कहना हैकि इंसान की उम्र बढ़ने के साथ साथ ही टोलोमेर की लंबाई कम होती जाती है. इसे उम्र के बढ़ने के एक संकेत के तौर पर देखा जाता है.
कितनी है एक टेस्ट की कीमत
एलीसियम हेल्थ नाम की कंपनी ने ऐसे ही बायोलॉजिकल टेस्ट की कीमत करीब 44 हजार रुपये तक की रखी है इस टेस्ट में ग्राहक के डीएनए में एक लाख से अधिक “मिथाइलेशन पैटर्न” की जांच की जाती है. टेस्ट का जो नतीजा आता है उसे इंसान की एपीजेनिटक घड़ी माना जाता है. यानी इसे डीएनए के जैवरासायनिक विश्लेषण के आधार पर उनकी आयु माना जाता है.
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इस तरह की जांच को पसंद करने वाले कम नहीं है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे टेस्ट वैसे तो उम्र के रोकने जैसा काम बिलकुल नहीं करते हैं. लेकिन इनके नतीजे इंसान का नजरिया जरूर बदल सकते हैं और वह अपने भविष्य की बेहतर प्लानिंग कर सकता है.
February 19, 2025, 08:51 IST
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