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एक्टिंग के लिए छोड़ी वकालत, पहली फिल्म से ही टूटे; फिर इस फिल्म ने बना दिया बॉलीवुड स्टार!

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Agency:News18 Haryana

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बिहार के गया जिले से आए अली खान ने 1980 में मुंबई में फिल्मी सफर शुरू किया. खुदा गवाह, सरफरोश और गदर 2 जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाओं से उन्होंने पहचान बनाई. टीवी व भोजपुरी सिनेमा में भी सफल रहे. 2017 में TIIF…और पढ़ें

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संघर्ष

संघर्ष से सफलता तक अली खान की प्रेरणादायक कहानी.

हाइलाइट्स

  • अली खान ने 1980 में मुंबई में फिल्मी सफर शुरू किया.
  • खुदा गवाह, सरफरोश और गदर 2 में दमदार भूमिकाएं निभाईं.
  • अली खान की अगली फिल्म 5 मार्च को रिलीज होगी.

फरीदाबाद. अली खान का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बिहार के गया जिले से ताल्लुक रखने वाले अली खान 1980 में मुंबई पहुंचे थे. उनका सपना था कि वह बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाएं, लेकिन यह रास्ता आसान नहीं था. वह वकालत की पढ़ाई कर रहे थे, मगर उनका मन सिनेमा की दुनिया में लग चुका था.

मुंबई में शुरुआती दिनों में संघर्ष बहुत था. फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना किसी चुनौती से कम नहीं था. काम की तलाश में भटक रहे अली खान को उम्मीद की किरण तब नजर आई जब दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा एक फिल्म ‘कालका’ बना रहे थे. शत्रुघ्न सिन्हा के मामा जी ने उनकी सिफारिश की और अली खान को फिल्म में गोपी नाम का महत्वपूर्ण किरदार मिल गया, जिससे फिल्म की शुरुआत होती थी. हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा नहीं चली, लेकिन अली खान को पहचान जरूर मिलने लगी.

बॉलीवुड में पहचान
इसके बाद उन्होंने ‘तूफान’ और ‘अल्लाह रखा’ जैसी फिल्मों में काम किया, मगर असली पहचान उन्हें 1992 में आई फिल्म ‘खुदा गवाह’ से मिली. इस फिल्म की शूटिंग अफगानिस्तान में हुई थी और इसमें अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी जैसे सुपरस्टार्स थे. इस फिल्म में उनके दमदार किरदार ने दर्शकों का ध्यान खींचा और बॉलीवुड में उनकी पहचान मजबूत हुई. इसके बाद उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे. उन्होंने ‘सरफरोश’, ‘कोहराम’, ‘मां तुझे सलाम’ और ‘अलीबाबा चालीस चोर’ जैसी फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाईं.

टीवी की दुनिया में भी बनाई पहचान
फिल्मों के अलावा अली खान ने टीवी की दुनिया में भी अपनी छाप छोड़ी. उन्होंने ‘महाभारत’ सीरियल में यक्ष की भूमिका निभाई और ‘कुमकुम’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में भी अहम किरदार किया. ‘कुमकुम’ उस दौर का सुपरहिट शो था, जिसने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया.

भोजपुरी सिनेमा में भी रखा कदम
अली खान ने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा में भी काम किया. उन्होंने मनोज तिवारी की फिल्म ‘भोजपुरिया डॉन’ और पवन सिंह के साथ दो भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किया. हाल ही में रिलीज हुई ‘गदर 2’ में भी वह एक छोटे मगर प्रभावशाली किरदार में नजर आए.

अवॉर्ड और सम्मान
उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि 2017 में उन्हें लीजेंडरी एक्टर के रूप में TIIFA अवॉर्ड मिला. 2018 में व्यक्तिगत उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए उन्हें AIAC अवॉर्ड से नवाजा गया. 2019 में उन्हें प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के फिल्म यात्रा अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

फरीदाबाद में गर्मजोशी से स्वागत
हाल ही में अली खान फरीदाबाद आए, जहां अभिनेता सुमित झा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस मौके पर उन्होंने अपनी आगामी फिल्म के बारे में भी बताया, जो 5 मार्च को रिलीज होने वाली है.

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