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Actor’s Father Who Took Loan To Launch Him: बॉलीवुड में अक्सर यह धारणा होती है कि अगर पिता बड़ा डायरेक्टर या एक्टर है तो बेटे की सफलता पक्की है. लेकिन हकीकत हमेशा इतनी चमकदार नहीं होती. कई बार बड़े बैकग्राउंड के बावजूद एक्टर्स दर्शकों को इम्प्रेस करने में नाकाम रहते हैं. आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ही एक एक्टर की, जिनके पिता इंडस्ट्री के बड़े नाम थे, लेकिन बेटे को बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए सालों संघर्ष करना पड़ा. कौन सी है ये बाप-बेटे की जोड़ी चलिए बताते हैं…

नई दिल्ली. बॉलीवुड में स्टारकिड होना आसान लगता है, लेकिन सच इससे बिल्कुल उलट है. चमक–दमक के पीछे कितनी मेहनत, दबाव और असफलताएं छिपी होती हैं, ये हर किसी की कहानी नहीं बताती. आज जिस एक्टर की बात हो रही है, वह एक ऐसे दिग्गज सितारे का बेटा हैं, जिनका नाम अपने दौर में सुपरस्टार की पहचान था. इस पिता की भी ख्वाहिश थी कि मेरे नाम से ज्यादा मेरे बेटा का नाम हो. बेटे के लिए क्या नहीं किया. सपनों को पूरा करने के लिए कर्ज लेकर उसे भव्य तरीके से बड़े पर्दे पर लॉन्च किया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया. डेब्यू फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई और यहीं से शुरू हुआ लगातार 19 नाकामियों का सिलसिला. लेकिन, हार नहीं मानी और फिर एक फिल्म आई, जिसने उनकी जिंदगी को बदल के रख दिया.

ये कहानी उस एक्टर की है, जिनके पिता बॉलीवुड सुपरस्टार रहे. पर्दे के पीछे काम शुरू किया तो वहां भी सफलताओं के कदम चूमे. ये कहानी है बॉलीवुड के मोस्ट स्टाइलिश एक्टर और शहंशाह कहे जाने वाले फिरोज खान के बेटे फरदीन खान की. फरदीन की कहानी सिर्फ एक एक्टर की नहीं, बल्कि हार न मानने की जिद और पिता के सपनों को पूरा करने की कोशिश की दास्तान है. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

फिरोज खान 60-70 के दशक के मशहूर एक्टर थे, जिन्होंने ‘कुर्बानी’, ‘जांबाज’ जैसी हिट फिल्में दीं. फिरोज न सिर्फ एक्टर थे बल्कि प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी थे. 8 मार्च 1974 को मुंबई में फिरोज के बेटे फरदीन खान का जन्म हुआ. सिनेमा तो खूब में था, इसलिए पढ़ाई पूरी करने के बाद हीरो बनने के फैसला किया. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram
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फिरोज ने बेटे को लॉन्च के लिए पिता ने करोड़ों का लोन लिया और फिल्म बनाने का फैसला किया. लेकिन किस्मत ऐसी कि डेब्यू फिल्म ‘प्रेम अगन’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह ढह गई.

फिल्म की लागत करीब 5 करोड़ थी, लेकिन कमाई सिर्फ 3.96 करोड़ रही. इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ वह था फ्लॉप फिल्मों की लंबी कतार, जिसने फरदीन के सपनों को लगभग चूर–चूर कर दिया. फरदीन ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनके पिता फिल्मों को ग्रैंड बनाने के लिए कर्ज लेते थे. ‘प्रेम अगन’ के लिए भी फिरोज ने उधार लिया, लेकिन फिल्म की असफलता ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

डेब्यू के बाद फरदीन की किस्मत नहीं बदली. अगले 12 सालों में उन्होंने 19 फिल्में कीं, जिनमें से ज्यादातर फ्लॉप रहीं. उनकी फिल्मोग्राफी पर नजर डालें तो ‘जंगल’ (2000) सेमी-हिट रही, लेकिन ‘प्यार तूने क्या किया’ (2001), ‘लव के लिए कुछ भी करेगा’ (2001), ‘कुछ तुम कहो कुछ हम कहें’ (2002), ‘ओम जय जगदीश’ (2002), ‘खुशी’ (2003), ‘भूत’ (2003, कैमियो), ‘जनशीन’ (2003), ‘देव’ (2004), ‘फिदा’ (2004), ‘शादी नंबर 1’ (2005) जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धराशायी हो गईं. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

इनमें से कई में फरदीन लीड रोल में थे, लेकिन स्क्रिप्ट, डायरेक्शन या परफॉर्मेंस की कमी ने उन्हें फ्लॉप का तमगा दिलाया. बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, इन 19 फिल्मों में से सिर्फ गिनती की कुछ ने औसत कमाई की, लेकिन कोई सोलो हिट नहीं मिली. फरदीन की परफॉर्मेंस को क्रिटिक्स ने सराहा, लेकिन दर्शक कनेक्ट नहीं कर पाए. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

इस दौरान फरदीन ने कई बड़े सितारों के साथ काम किया. 2005 में आई ‘नो एंट्री’ में उन्होंने सलमान खान और अनिल कपूर के साथ स्क्रीन शेयर की. यह फिल्म अनीस बज्मी के डायरेक्शन में बनी कॉमेडी थी, जिसमें बिपाशा बसु, ईशा देओल और लारा दत्ता भी थीं. ‘नो एंट्री’ सुपरहिट रही, भारत में इस फिल्म ने 43 करोड़ नेट कलेक्शन किया लेकिन यह मल्टी-स्टारर थी, इसलिए फरदीन को सोलो क्रेडिट नहीं मिला. 2007 में अनिल कपूर के साथ ‘वेलकम’ में कैमियो किया, जो हिट रही. सलमान के साथ भी उनकी केमिस्ट्री पसंद की गई, लेकिन फरदीन का करियर अभी भी डगमगा रहा था. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

फरदीन की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट आया 2007 में, जब ‘हे बेबी’ रिलीज हुई. साजिद खान के डायरेक्शन में बनी यह कॉमेडी फिल्म अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, विद्या बालन, अनुपम खेर और बोमन ईरानी जैसे सितारों से सजी थी. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 83 करोड़ कमाए और हिट साबित हुई. यह फरदीन की पहली बड़ी कामयाबी थी, जिसने उनके करियर को डूबने से बचा लिया. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

‘हे बेबी’ ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि फरदीन की कॉमिक टाइमिंग को भी सराहा गया. लेकिन इसके बाद भी उनका सफर आसान नहीं रहा. 2009 में ‘ऑल द बेस्ट’ सेमी-हिट रही, लेकिन 2010 में आई ‘दुल्हा मिल गया’ फ्लॉप हो गई. लगातार असफलताओं से तंग आकर फरदीन ने 2010 में एक्टिंग से ब्रेक ले लिया और 14 साल तक फिल्मों से दूर रहे. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram

इस दौरान वे बिजनेस और फैमिली लाइफ पर फोकस करते रहे. उन्होंने नताशा मधवानी से शादी की और दो बच्चे के बाप भी बने. फरदीन की कमबैक 2024 में संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ से हुई. इसमें उन्होंने नवाब वाली मोहम्मद का रोल निभाया, जो क्रिटिक्स और दर्शकों को पसंद आया. सीरीज नेटफ्लिक्स पर सुपरहिट रही.

इसके बाद वे अक्षय कुमार की ‘खेल खेल में’ में नजर आए, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, सिर्फ 40 करोड़ की कमाई के साथ. इसके बाद वह हाउसफुल 5 में भी नजर आए.

फरदीन खान की कहानी साबित करती है कि बॉलीवुड में सफलता केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि से गारंटी नहीं होती. यहां टैलेंट, मेहनत, सही मौके और जिद की भी जरूरत होती है. 19 फ्लॉप झेलने के बाद भी हार न मानकर, 14 साल के बाद वापसी करना और नई पहचान बनाना आसान नहीं है. फरदीन खान आज उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो मुश्किल दौर में हिम्मत हार बैठते हैं. उनकी जर्नी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो एक ही सही मौका आपकी तकदीर बदल सकता है. फोटो साभार-@fardeenfkhan/Instagram
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