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संजय कपूर की 30,000 करोड़ की संपत्ति पर प्रिया सचदेव कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान के बीच वसीयत विवाद की जंग खत्म नहीं हो रही है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की एक्स पत्नी और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट में अमेरिका-ब्रिटेन की जायदाद के दावे को लेकर बहस हुई. इस मामले पर अब अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी.
इस केस में अब नया मोड़ आ गया है. नई दिल्ली. संजय कपूर की लगभग 30,000 करोड़ रुपये की मानी जा रही संपत्तियों पर चल रहा पारिवारिक विवाद अब और तीखा हो गया है.संजय कपूर की विधवा प्रिया सचदेव कपूर और एक्स पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान के बीच वसीयत को लेकर जारी कानूनी लड़ाई में मंगलवार को बड़ा मोड़ आया. प्रिया ने अपने दिवंगत पति की करोड़ों की संपत्ति पर चल रही कानूनी लड़ाई में दिल्ली हाई कोर्ट को करारा जवाब दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर के लिए तय की गई है
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिया कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट को साफ-साफ बता दिया कि वह अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े दावों या लेनदेन से रोक नहीं सकती. यह विवाद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की एक्स पत्नी और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिया ने संजय की वसीयत में जालसाजी की है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि प्रिया को उन संपत्तियों को बेचने या किसी भी तरह से नियंत्रित करने से रोका जाए.
‘आप नहीं रोक सकते’
प्रिया कपूर की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि विदेशी अचल संपत्तियों से जुड़े फैसले केवल उसी देश की अदालतें कर सकती हैं, जहां वे स्थित हैं. इसलिए दिल्ली हाई कोर्ट के पास अधिकार क्षेत्र ही नहीं है कि वह अमेरिका और ब्रिटेन की प्रॉपर्टीज पर स्टेटस क्वो या रोक लगाने का आदेश दे. उनके वकील के मुताबिक, प्रिया और उनका नाबालिग बेटा सिर्फ अपने वैधानिक अधिकारों के लिए विदेशी अदालतों में ही कार्रवाई कर सकते हैं.
‘AIPL के शेयर बेचने का कोई इरादा नहीं है’
प्रिया के नाबालिग बेटे की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने अदालत में स्पष्ट किया कि प्रिया का ऑरियस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (एआईपीएल) में हस्तांतरित शेयर बेचने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन में स्थित अचल संपत्तियों के मामले में भारतीय अदालत स्टेटस कोवो (यथास्थिति) का आदेश लागू करने की अधिकारी नहीं है.
करिश्मा कपूर के वकील ने कोर्ट से ये की गुजारिश
वहीं, करिश्मा कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने तर्क दिया कि भारतीय अदालतें फिर भी निर्देश जारी कर सकती हैं ताकि प्रिया कपूर कथित जाली वसीयत का उपयोग कर विदेशों में अवैध रूप से मालिकाना हक न हासिल कर लें. उन्होंने कहा कि यह अदालत का अधिकार है कि वह एहतियाती रोक लगाए, जब तक वसीयत की वैधता साबित नहीं हो जाती.
22 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस ज्योति सिंह ने दोनों पक्षों की याचिका सुनी और अब सभी पक्षों को अपना लिखित बयान दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर के लिए तय की गई है.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें
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