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नई दिल्ली. बच्चों का भविष्य बनाने के लिए मां-बाप पाई-पाई जोड़कर फंड बनाते हैं. कोई एफडी में निवेश करता है तो कोई म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करता है. अगर आप भी अपने बच्चे के लिए फंड बनाना चाहते हैं और किसी ऐसे विकल्प की तलाश में हैं, जो उनके बड़े सपने भी पूरे कर सकता तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का चिल्ड्रेन प्लान काफी मददगार साबित हो सकता है. वैसे तो बाजार में तमाम निवेश के विकल्प हैं, लेकिन चिल्ड्रेन प्लान इनमें कई मायनों में बेहतर साबित हो सकता है.
यह तो सभी को पता है कि आजकल पढ़ाई कितनी महंगी होती जा रही है. बच्चे का आर्थिक भविष्य संवारने के लिए यह जरूरी भी है, लेकिन उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई का बोझ इतना ज्यादा होता है कि उसे पूरा करना सबके बस की बात नहीं होती. लेकिन, अगर आप अभी से इसका प्लान बनाकर निवेश करते हैं तो बच्चे के बड़े होने तक आपके पास अच्छा-खास फंड बन जाएगा जो उसके बड़े से बड़े सपने को भी साकार करने के लिए काफी होगा.
म्यूचुअल फंड सबसे बेहतर तरीका
बच्चे के भविष्य की योजना बनाने का एक अच्छा तरीका म्यूचुअल फंड की चिल्ड्रेन स्कीमें हैं. इनमें अनुशासित निवेश का तरीका और लंबे समय में बेहतर बढ़त की संभावना दोनों मिलते हैं. समय के साथ कंपाउंडिंग का असर इन पैसों पर गहराई से दिखता है और यह राशि अच्छी-खासी बढ़ जाती है. चिल्ड्रेन म्यूचुअल फंड के क्षेत्र में ICICI प्रूडेंशियल चिल्ड्रेन फंड एक ऐसी योजना है जिसका लंबा और भरोसेमंद रिकॉर्ड रहा है. इस स्कीम ने समय के साथ अच्छे रिटर्न भी दिए हैं. ICICI प्रूडेंशियल चिल्ड्रेन फंड एक ओपन-एंडेड निवेश योजना है, जो खासकर बच्चों के लिए बनाई गई है.
5 साल का लॉक इन पीरियड
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का चिल्ड्रेन प्लान कम से कम पांच साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आता है या फिर जब बच्चा बालिग हो जाए, जैसा भी पहले हो. यह फंड इक्विटी और डेट दोनों प्रकार की संपत्तियों में निवेश करता है और जरूरत पड़ने पर बेंचमार्क से बाहर के विषयों में भी अवसर के अनुसार निवेश करने का फ्रीडम देता है. कुल मिलाकर, ICICI प्रूडेंशियल चिल्ड्रेन फंड उन अभिभावकों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है जो अपने बच्चों की निवेश योजना में लचीलापन, सक्रिय फैसले और लंबी अवधि की सोच, इन तीनों का संतुलित मेल चाहते हैं.
कितना दिया है रिटर्न
यह चिल्ड्रेन स्कीम कैसे और कितना फायदेमंद हो सकती है, इसका अंदाजा रिटर्न देखकर ही लगाया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति 31 अगस्त, 2001 को इस फंड में 10 लाख रुपये निवेश करता, तो 31 अक्टूबर 2025 तक यह राशि बढ़कर लगभग 3.3 करोड़ रुपये हो जाती. इस तरह फंड ने 15.58% की दर से उल्लेखनीय सालाना रिटर्न दिया है. इसकी तुलना में, बेंचमार्क में ऐसा ही निवेश करीब 2.12 करोड़ का होता, जो करीब 13.46 फीसदी सालाना रिटर्न होता है.
एसआईपी ने भी दिया कमाल का रिटर्न
इस फंड के SIP रिटर्न भी कमाल के रहे हैं. अगर शुरुआत से ही हर महीने 10,000 रुपये की SIP की जाती, तो कुल 29 लाख रुपये का निवेश होता और 31 अक्तूबर, 2025 तक यह राशि बढ़कर 2.2 करोड़ रुपये पहुंच जाती. अगर पिछले 15 साल से निवेश किया जा रहा है तो 18 लाख का योगदान बढ़कर 55.4 लाख रुपये तक पहुंच जाता. इसका मतलब है कि 13.76 फीसदी की दर से रिटर्न मिला. इसी अवधि में इसके बेंचमार्क का रिटर्न केवल 11.88 फीसदी रहा है. पिछले एक, तीन और पांच साल में भी फंड ने लगातार अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है.
जल्दी निवेश करना क्यों जरूरी
मान लीजिए कि किसी अभिभावक को अपने बच्चे के 18 साल का होने तक 50 लाख रुपये की राशि तैयार करनी है. अगर पहले माता-पिता (A) ने बच्चे के जन्म के समय ही निवेश शुरू किया, तो 18 साल की अवधि में 12% की सामान्य वृद्धि दर पर उन्हें हर महीने 6,598 रुपये निवेश करने होंगे. कुल मिलाकर 14.25 लाख रुपये का योगदान करना पड़ेगा. अगर दूसरे माता-पिता (B) ने बच्चे के छह साल का होने पर निवेश शुरू किया, तो 12 साल की अवधि में उन्हें हर महीने 15,671 रुपये लगाने होंगे. कुल योगदान 22.56 लाख रुपये का हो जाएगा. अगर तीसरे माता-पिता (C) ने निवेश तब शुरू किया जब बच्चा 12 साल का हुआ, तो 12% की वृद्धि दर पर उन्हें हर महीने 47,751 रुपये लगाने होंगे. कुल योगदान 34.38 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा. इससे साफ है कि समय बीतने के साथ फंड जुटाना मुश्किल होता जाता है.
टाइम इज मनी…देरी से कितना नुकसान
माता-पिता B को A की तुलना में 12.3 लाख और C को 20.13 लाख रुपये अधिक निवेश करने पड़ेंगे. यही है निवेश में देरी की वास्तविक लागत. अंत में, बात फिर वहीं आती है. निवेश जितना जल्दी शुरू होगा, लंबे समय वाले इक्विटी निवेश की शक्ति उतनी ही प्रभावी होगी. माता-पिता चाहें तो बहुत सधी हुई रफ्तार से बच्चे के सपनों जैसा उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकते हैं. बस सही फैसले लेकर सही समय यानी कि आज से ही निवेश की शुरुआत करनी होगी.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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