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ind vs sa hardik pandya record चोट से उबरने के बाद 99 विकेटों के साथ रिकॉर्ड बनाने की दहलीज भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी’ करने में सफल रहे.
हार्दिक पंड्या टी 20 में 100 विकट वाले क्लाब में ले सकते है एंट्री, ले चुके है 99 विकेटनई दिल्ली. गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले एक प्रसिद्ध उर्दू कहावत और शेर है जो भारत के स्टार ऑलराउंडर पर फ्ट बैठता है. जिसका मतलब है कि केवल वही लोग जो बड़ी चुनौतियाँ और जोखिम उठाते हैं, वे ही असफल हो सकते हैं; जो व्यक्ति कोशिश ही नहीं करता वह कभी गिरता ही नहीं और न ही कुछ हासिल करता है, यानी सफलता या असफलता का अनुभव करने के लिए मैदान-ए-जंग ) में उतरना ज़रूरी है. हार्दिक ने इसको समय समय पर साबित किया है.
चोट से उबरने के बाद 99 विकेटों के साथ रिकॉर्ड बनाने की दहलीज भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी’ करने में सफल रहे. एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय टीम में शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 28 गेंद पर नाबाद 59 रन की तूफानी पारी खेली और फिर 16 रन देकर एक विकेट लिया.
100 विकेट क्लब में हार्दिक की एंट्री!
चंढीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में सबकी निगाहें हार्दिक पंड्या पर होगी. टी20 फॉर्मेट में 99 विकेट ले चुके हार्दिक अर्शदीप सिंह और बुमराह के बाद तीसरे गेंदबाज होगें जिनको इस क्लब में जगह मिलेगी. पहले मैच में मैन आफ दि मैच रहे पंड्या ने कहा कि मेरी सोच यह थी कि मैं पहले की तुलना में अधिक दमदार और बेहतर वापसी करूं. चोटें मानसिक रूप से आपकी परीक्षा लेती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं इससे उबरने में अपने करीबी लोगों का भी बड़ा योगदान होता है. हार्दिक ने कहा कि मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर पूरा भरोसा हैऔर मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं, तो दूसरे आप पर कैसे विश्वास करेंगे.
टी-20 वर्ल्ड कप में हीरो बनेंगे हार्दिक!
टी20 विश्व कप में भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हार्दिक ने कहा कि वह ऐसे इंसान हैं जो आत्मविश्वास अपने भीतर से प्राप्त करता है और लोग क्या सोच रहे हैं इसकी ज्यादा परवाह नहीं करता है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं जीवन में बेहद ईमानदार और यथार्थवादी इंसान रहा हूं जिससे मुझे बहुत मदद मिली है. मुझे घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं है मैं इसकी परवाह नहीं करता कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं. मैं हमेशा इस पर ध्यान देता हूं कि मैं खुद के बारे में क्या सोच रहा हूं. हार्दिक ने कहा, ‘‘अब वो समय आ गया है जब हार्दिक पंड्या सिर्फ खेल खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल का आनंद लेना चाहता है अब बड़ा और बेहतर बनना ही मेरे जीवन का ध्येय है.
रॉकस्टार की तरह हो परफॉमेंस
पंड्या का कहना है कि दर्शकों के समर्थन से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करती है. उन्होंने कहा, ‘‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए. आप आते हैं, 10 मिनट तक परफॉर्म करते हैं और भीड़ पागल हो जाती है, मुझे लगता है कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है. मैंने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया और उनसे सबक लिया. इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मुझे लगता है कि दर्शक बस मेरा ही इंतजार कर रहे हैं और वे मुझे बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ही इंतजार कर रहे हैं.
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