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पिछले कुछ सालों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम्स के खतरों को साफ दिखा दिया है. कभी Blue Whale Challenge ने बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया था, और अब नए डिजिटल गेमिंग प्लेटफॉर्म भी वही काम कर रहे हैं, खासकर Roblox जैसे गेम. इसको लेकर इसी तरह की चिंताएं पैदा हो रही हैं. भले ही ब्लू व्हेल का दौर खत्म हो गया हो, लेकिन ऐसे खेलों का खतरा आज भी बना हुआ है.
इन टास्क-बेस्ड गेम्स की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनमें बच्चों को बढ़ते हुए लेवल पर ऐसे काम दिए जाते हैं जो जोखिम भरे होते हैं. कई बार यह काम खुद को नुकसान पहुंचाने या खतरनाक एक्टिविटी से जुड़े होते हैं.
ऐसे गेम गुप्त तरीके से चलते हैं और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर बच्चों को अपनी ओर खींचते हैं. खासकर वो बच्चे जो अकेलेपन, तनाव या भावनात्मक परेशानी से गुजर रहे होते हैं.
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि कई बच्चे इन खेलों के परिणामों को ठीक से समझ नहीं पाते. विशेषज्ञ बताते हैं, ‘इन गेम्स का सीक्रेसी पैटर्न और ग्रुप प्रेशर, बच्चों को परिवार से दूर कर देता है, जिससे उनका खतरा और बढ़ जाता है.’
Roblox को लेकर बढ़ी चिंता
Roblox एक लोकप्रिय गेमिंग प्लेटफॉर्म है जहां बच्चे अपनी वर्चुअल दुनिया बनाते और खेलते हैं. लेकिन हाल ही में कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें बच्चों के अनचाहे मैसेज, अनुचित कंटेंट, और रिस्की यूज़र-जेनरेटेड चैलेंजेस से सामना होने की बात कही गई है. हालांकि प्लेटफॉर्म पर पैरेंटल कंट्रोल मौजूद हैं, लेकिन निगरानी की कमी अभी भी कई सवाल खड़े करती है.
सोशल वर्कर्स का कहना है कि ‘जागरूकता और रोकथाम ही इन छिपे हुए ऑनलाइन खतरों से बचने का सबसे मजबूत तरीका है.’
विशेषज्ञों की सलाह कैसे करें बच्चों का बचाव?
- बच्चों से नियमित रूप से उनकी ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में बात करें.
- गेमप्ले मॉनिटर करें और पैरेंटल कंट्रोल ऑन रखें.
- प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत बनाएं.
- बच्चों को समझाएं कि वो किसी अनजान व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी शेयर न करें.
- किसी भी असहज महसूस होने वाली बातचीत को तुरंत रिपोर्ट करने के लिए कहें.
- स्क्रीन टाइम लिमिटेड करें और बच्चों को ऑफलाइन गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें.
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफलाइन रुचियों में समय देने से बच्चों में भावनात्मक मजबूती बढ़ती है, जिससे वो ऐसे खतरों से बेहतर मुकाबला कर पाते हैं.
अगर खतरे का संदेह हो, तो क्या करें?
अगर परिवार को लगता है कि बच्चा किसी खतरनाक ऑनलाइन चैलेंज में शामिल है, तो तुरंत प्रोफेशनल मदद लें और साइबरक्राइम अधिकारियों को इसकी जानकारी दें.
हालांकि प्लेटफॉर्म और कानून-प्रवर्तन एजेंसियां ऐसे हानिकारक कंटेंट को हटाने पर काम कर रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि माता-पिता की एक्टिव भागीदारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है.
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