Headlines

अपनी मौत देख लेता है ये विशालकाय जीव! ‘पाताल’ में लेता है आखिरी सांस, मरने के बाद अमृत बन जाती है बॉडी!

[ad_1]

समुद्र की गहराइयों में कई राज दफन होते हैं. इनमें से कुछ राज तो ऐसे होते हैं, जिसे जानकर लोगों को हैरानी भी होती है और यकीन भी नहीं होता है. इसमें व्हेल मछली से जुड़े कुछ ऐसे अमेजिंग फैक्ट्स भी हैं, जो आपको भी आश्चर्यचकित कर देंगे. व्हेल को दुनिया के सबसे विशाल जानवरों में से एक माना जाता है. ऐसे में ये सोचना वाकई अद्भुत है कि इतनी बड़ी मछली जब मरती है तो उसकी बॉडी का क्या होता है?

जब कोई व्हेल मरने के करीब पहुंचती है, तो वो अपनी आखिरी सांसें लेने के लिए खुद सबसे गहरे पाताल की ओर चल पड़ती है. वैज्ञानिक इसे “व्हेल फॉल” (Whale Fall) कहते हैं. जब एक व्हेल की बॉडी समुद्र तल की गहराई में मरती है तो उसकी बॉडी सैकड़ों-हजारों नए जीवों के लिए जीवनदायिनी बन जाती है. मौत यहां अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत होती है. व्हेल की मौत का ऐसा रहस्य है, जिसे जानकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

कर लेती है मौत की भविष्यवाणी
व्हेल को पहले से पता चल जाता है कि उसका अंतिम समय आ गया है. बीमार या बूढ़ी व्हेल सतह से दूर, 1000-3000 मीटर गहरे अंधेरे में चली जाती है, जहां सूरज की किरण तक नहीं पहुंचती. वहां उसकी सांसें रुकती हैं और 30 से 90 टन की लाश धीरे-धीरे समुद्र तल पर गिरने लगती है. यहां से शुरू होता है प्रकृति का सबसे अद्भुत चमत्कार. व्हेल फॉल के चार मुख्य चरण होते हैं:

मोबाइल स्कैवेंजर स्टेज (पहले कुछ महीने से 2 साल तक)
जैसे ही लाश नीचे गिरती है, शार्क, बड़ी मछलियां और समुद्री पक्षी उसका नरम मांस-चर्बी चट कर जाते हैं. एक ब्लू व्हेल की लाश में 50-60 टन मांस होता है, जो सैकड़ों शार्क को महीनों खिलाता है.

एनरिचमेंट ऑपर्च्युनिस्ट स्टेज (2-5 साल तक)
अब बारी आती है कीड़ों-मकोड़ों की. समुद्री केंचुए, झींगा-मछली जैसे छोटे जीव हड्डियों पर उगने वाले बैक्टीरिया खाते हैं. ये बैक्टीरिया सल्फर से ऊर्जा बनाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे धरती पर पेड़ सूरज की रोशनी से.

सल्फोफिलिक स्टेज (10-50 साल तक)
अब सिर्फ हड्डियां बचती है. इनमें मौजूद फैट को खास तरह के बैक्टीरिया और ट्यूब वर्म्स चूसते हैं. एक हड्डी पर 40-50 प्रजातियों के हजारों जीव पलते हैं. वैज्ञानिकों ने एक जगह 45,000 से ज्यादा कीड़े गिने हैं.

रीफ स्टेज (100 साल तक)
आखिर में हड्डियां भी घुल जाती हैं, लेकिन वहां कार्बोनेट रीफ बन जाता है, जैसे मूंगे की चट्टाने. ये छोटी मछलियों और नए जीवों को घर देती हैं.

नेशनल जियोग्राफिक और स्मिथसोनियन के शोधकर्ताओं के अनुसार, एक व्हेल फॉल गहरे समुद्र में उतना ही महत्वपूर्ण है जितना जंगल में किसी बड़े पेड़ का गिरना. गहरे समुद्र में खाना बहुत कम होता है, इसलिए एक व्हेल की लाश 50-100 साल तक हजारों प्रजातियों को पालती है. अब तक 50 से ज्यादा नई प्रजातियां सिर्फ व्हेल फॉल पर ही मिली हैं. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि कई व्हेल जानबूझकर गहरे पानी में मरने जाती हैं ताकि उनकी लाश शार्क या ओरका का शिकार ना बने और ज्यादा से ज्यादा जीवों को फायदा पहुंच सके.

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *