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भारत में ज्यादातर लोग मिनरल वॉटर के नाम पर धोखा ही खरीदते हैं. लोगों को लगता है कि बिसलेरी, रेल नीर जैसे ब्रांड्स के बोतल खरीदना यानी मिनरल वॉटर पीना. लेकिन आपको बता दें कि ये मिनरल वॉटर नहीं है.
मिनरल वॉटर की जगह पैकेज्ड वॉटर खरीदते हैं लोग (इमेज- फाइल फोटो)भारत में हर दिन करोड़ों लोग बोतलबंद पानी खरीदते हैं. ट्रेन में रेल नीर, दुकान से बिस्लेरी, किन्ले या एक्वाफिना खरीद कर सबको लगता है कि ये मिनरल वॉटर है, जो सेहत के लिए बेहतर होता है. लेकिन चौंकाने वाली सच्चाई ये है कि ये सभी ब्रांड्स असली मिनरल वॉटर नहीं हैं. जी हां, जिसे आप मिनरल वॉटर समझ रहे है वो सिर्फ पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर है.
FSSAI और BIS के नियमों के मुताबिक, मिनरल वॉटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर में बड़ा फर्क होता है. ज्यादातर लोग अनजाने में धोखा खा रहे हैं. इस धोखे से बचने के लिए सबसे पहले दोनों के बीच का अंतर समझना जरुरी है. बाजार में मिनरल वाटर भी है लेकिन उनके नाम अलग हैं. आइए आपका ज्ञान बढ़ाकर आपको इस धोखेबाजी से बचाते हैं.
सोर्स का अंतर
पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (IS 14543 स्टैंडर्ड) किसी भी स्रोत से लिया जाता है जैसे बोरवेल, ग्राउंडवॉटर या म्यूनिसिपल सप्लाई. इसे RO, UV या ओजोनाइजेशन से ट्रीट किया जाता है, जिससे सभी मिनरल्स निकल जाते हैं. फिर जरूरी मिनरल्स कृत्रिम रूप से मिलाए जाते हैं. बिस्लेरी, रेल नीर, किन्ले, एक्वाफिना सभी इसी कैटेगरी में आते हैं. इनकी बोतल पर स्पष्ट लिखा होता है “Packaged Drinking Water”. दूसरी ओर, नेचुरल मिनरल वॉटर (IS 13428 स्टैंडर्ड) प्राकृतिक झरनों या अंडरग्राउंड एक्विफर्स से सीधे आता है. इसमें कोई केमिकल ट्रीटमेंट नहीं होता. मिनरल्स प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम आदि. इसे सोर्स के पास ही बोतल किया जाता है ताकि शुद्धता बनी रहे. भारत में असली नेचुरल मिनरल वॉटर के उदाहरण हैं- हिमालयन (टाटा का), वेदिका (बिस्लेरी का प्रीमियम ब्रांड), आवा (अरावली से), इवियन (फ्रेंच आल्प्स से), वॉस आदि. बिस्लेरी या रेल नीर के मुकाबले ये महंगे होते हैं.
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