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Cloud Kitchen शुरू करने के लिए सिंगल ब्रांड मॉडल चुनें, मार्केट रिसर्च करें, लोकेशन और लागत पर ध्यान दें, FSSAI लाइसेंस लें, जोमैटो स्विगी से जुड़ें, डिजिटल मार्केटिंग करें.

1. सही मॉडल चुनिए क्लाउड किचन तीन तरह के होते हैं सिंगल ब्रांड (जैसे सिर्फ बिरयानी या पिज्जा), मल्टी ब्रांड (एक ही किचन से कई ब्रांड चलाना), या फ्रेंचाइज़ मॉडल (जैसे स्विगी एक्सेस या रेबेल फूड्स). शुरुआत में सिंगल ब्रांड सबसे आसान रहता है क्योंकि फोकस क्लियर रहता है.

2. मार्केट रिसर्च कीजिए पहले यह समझिए कि आपके इलाके में क्या सबसे ज्यादा बिकता है. स्विगी और जोमैटो पर जाकर देखें कि कौन सी डिशेज की डिमांड है. बिरयानी, रोल्स, थाली, हेल्दी बाउल और इंडियन फूड हमेशा अच्छा परफॉर्म करते हैं.

3. लोकेशन चुनते वक्त सोच-समझकर चलिए क्लाउड किचन को प्राइम लोकेशन की जरूरत नहीं होती. बस इतना ध्यान रखें कि डिलीवरी जोन के करीब हों. 150 से 300 स्क्वायर फीट का किचन काफी है. किराया कम होगा, प्रॉफिट ज्यादा बचेगा.
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4. कम लागत में सेटअप करें आप 5 से 10 लाख रुपये में बेसिक किचन सेटअप कर सकते हैं. शेयर्ड किचन या को-वर्किंग किचन जैसे किचन्स@ या रेबेल फूड्स के साथ पार्टनरशिप से खर्च और घटाया जा सकता है.

5. जरूरी लाइसेंस लें किचन शुरू करने से पहले FSSAI लाइसेंस, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, फायर और हेल्थ सेफ्टी सर्टिफिकेट जैसे डॉक्युमेंट जरूरी हैं. इससे भरोसा बनता है और कानूनी दिक्कतों से बचा जा सकता है.

6. मेन्यू को स्मार्ट बनाइए मेन्यू छोटा रखें, लेकिन हाई मार्जिन वाले आइटम्स चुनें. ऐसी डिश बनाएं जो डिलीवरी में खराब न हों. हर प्रोडक्ट की कीमत तय करते वक्त 30 से 35% फूड कॉस्ट का नियम ध्यान में रखें.

7. फूड एग्रीगेटर्स से जुड़िए जोमैटो, स्विगी और उबर ईट्स जैसी ऐप्स पर लिस्टिंग कराएं. फोटो अच्छी लगाएं, डिलीवरी टाइम फास्ट रखें और कस्टमर रिव्यू पर ध्यान दें. इन प्लेटफॉर्म्स से शुरुआती ट्रैफिक मिलता है.

8. डिजिटल मार्केटिंग पर ध्यान दें सोशल मीडिया प्रमोशन करें. इंस्टाग्राम, फेसबुक और इन्फ्लुएंसर टाई-अप से ऑर्डर बढ़ाएं. व्हाट्सएप या वेबसाइट से डायरेक्ट ऑर्डर लें ताकि एग्रीगेटर कमीशन (25–30%) बचाया जा सके.

9. ऑपरेशंस पर कंट्रोल रखें ऑर्डर, इन्वेंट्री और कस्टमर डेटा के लिए पॉइंट ऑफ सेल (POS) सिस्टम लगाएं. इससे वेस्टेज और लॉस कम होगा. लगातार डेटा देखकर मेन्यू और प्राइसिंग में सुधार करें.

10. ब्रांड बढ़ाएं और स्केल करें पहली किचन प्रॉफिटेबल होते ही दूसरे जोन में किचन खोलें. एक ही लोकेशन से अलग-अलग ब्रांड चलाना भी फायदेमंद है, जैसे एक से नॉर्थ इंडियन फूड, दूसरे से डेजर्ट. बाद में कॉरपोरेट मील्स और कैटरिंग में भी एंट्री कर सकते हैं.
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