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एक्ट्रेस सालों से अपनी एक्टिंग और खूबसूरती से भारतीय दर्शकों को लुभाती आ रही हैं. वे अब 52 साल की उम्र में फिल्म ‘साली मोहब्बत’ से निर्देशन की दुनिया में कदम रख रही हैं. दर्शक उनके नजरिये और संवेदनशीलता को सिनेमा में उतरते हुए देखने को बेताब हैं.

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के कसौली में जन्मी एक्ट्रेस का परिवार शिक्षा और साहित्य से गहराई से जुड़ा हुआ है. उनके पिता प्रिंसिपल और मां शिक्षिका थीं. ऐसे बौद्धिक माहौल में पली-बढ़ी टिस्का को बचपन से ही किताबों, कहानियों और अभिनय का शौक था. हम टिस्का चोपड़ा की बात कर रहे हैं, जिनकी शादी कैप्टन संजय चोपड़ा से हुई है, जो एक कमर्शियल पायलट और लेखक हैं. उनकी एक बेटी भी है. परिवार की साहित्यिक रुचि और माहौल ने टिस्का की सोच को आकार दिया, जो उनके अभिनय में भी झलकता है.

टिस्का ने नोएडा के एपीजे स्कूल से अपनी स्कूलिंग की, जहां वे नाटकों में काफी एक्टिव थीं. दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से उन्होंने इंग्लिश लिटरेचर में पढ़ाई की, जहां थिएटर और लेखन के प्रति उनकी रुचि और गहरी हुई. कॉलेज के बाद वे मुंबई चली गईं और नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गजों के साथ थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की.

टिस्का ने करियर के शुरुआती दौर में टीवी सीरियल्स और छोटी फिल्मों में काम किया. 1993 में उन्होंने ‘प्लेटफॉर्म’ फिल्म से डेब्यू किया, जिसमें वे अजय देवगन के अपोजिट नजर आईं. हालांकि यह फिल्म उन्हें रातों-रात स्टार नहीं बना पाई, लेकिन इंडस्ट्री में उनकी पहचान जरूर बनी. इसके बाद उन्होंने थिएटर और टीवी में लगातार काम किया और अपनी दमदार स्क्रीन प्रजेंस और जटिल किरदारों को निभाने की काबिलियत के लिए जानी जाने लगीं.
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टिस्का को असली पहचान आमिर खान की फिल्म ‘तारे जमीन पर’ (2007) से मिली, जिसमें उन्होंने एक डिस्लेक्सिक बच्चे की मां का किरदार निभाया. इस भूमिका को खूब सराहा गया और वे एक ऐसी एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित हुईं, जो गहराई से भरे किरदार निभा सकती हैं. इस फिल्म की सफलता ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा के साथ-साथ इंडिपेंडेंट फिल्मों और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में भी पहचान दिलाई.

टिस्का ने ‘फिराक’ (2008), ‘किस्सा’ (2013) और ‘चटनी’ (2016) जैसी सराही गई फिल्मों में काम किया. ‘चटनी’ एक शॉर्ट फिल्म थी, जिसमें उन्होंने अनोखी कहानी को बखूबी पेश किया. टीवी पर वे ‘कहानी घर घर की’ और ‘मरियम खान रिपोर्टिंग लाइव’ जैसे पॉपुलर शोज में नजर आईं. उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि उन्होंने मेनस्ट्रीम पहचान और कंटेंट-ड्रिवन काम के बीच संतुलन बनाए रखा.

एक्टिंग के अलावा टिस्का चोपड़ा एक लेखिका भी हैं. उनकी किताब ‘एक्टिंग स्मार्ट’ (2014) नए एक्टर्स के लिए एक प्रैक्टिकल गाइड है, जिसमें उन्होंने एक्टिंग और इंडस्ट्री के बारे में खुलकर सलाह दी है. इस किताब को उसकी सादगी और ईमानदार सलाह के लिए सराहा गया. टिस्का ने कई मंचों पर क्रिएटिविटी, महिला सशक्तिकरण और भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप पर भी लिखा और बोला है.

2025 में टिस्का ने अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू ‘साली मोहब्बत’ से किया है, जो एक हिंदी ड्रामा थ्रिलर है. इसमें राधिका आप्टे, दिव्येंदु शर्मा और अनुराग कश्यप अहम भूमिकाओं में हैं. टिस्का और उनके पति संजय चोपड़ा ने मिलकर इस फिल्म की कहानी लिखी है, जो आम जिंदगी के इमोशनल पहलुओं और विडंबनाओं को दिखाती है. यह फिल्म जियो स्टूडियोज और स्टेज5 प्रोडक्शन के बैनर तले बनी है और आज 12 दिसंबर 2025 को ZEE5 पर रिलीज हो चुकी है.

टिस्का ने निर्देशन को मानव स्वभाव के प्रति अपनी जिज्ञासा का विस्तार बताया है. उनका मानना है कि एक्टिंग जहां भीतर की यात्रा है, वहीं निर्देशन देखने और समझने का प्रोसेस है. ‘साली मोहब्बत’ से टिस्का ने अपने दशकों के अनुभव को कैमरे के पीछे से बयां किया है, जो उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव है.
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