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संतरे के सूखे छिलके बेच करोड़पति बन रहे लोग, 10 साल पुराने छिलकों की डिमांड, तुरंत हो जाता है Out Of Stock!

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चीन की सड़कों पर संतरे बिकते हैं तो कोई हैरानी नहीं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इनके छिलके भी करोड़ों का बिजनेस बन सकते हैं? जी हां, गुंगडॉन्ग प्रांत के ज़िन्हुई इलाके में संतरे के सूखे छिलकों, जिन्हें चेनपी (Chenpi) कहा जाता है, का धंधा इतना गर्म है कि लोग इन्हें बेचकर अमीर बन रहे हैं. 10 साल पुराने छिलकों की कीमत 12 हजार रुपये प्रति किलो है, जबकि 50-60 साल पुराने तो लाखों में बिकते हैं. बाजार में डिमांड इतनी जबरदस्त कि लिस्ट होते ही स्टॉक आउट-ऑफ-स्टॉक हो जाता है. ये कोई नई ट्रेंड नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा है जो आज निवेश का नया रूप ले चुकी है.

आखिर चेनपी क्या है? ये संतरे या मैंडरिन ऑरेंज के छिलकों को धूप में सुखाकर एज किया जाता है. हरे-भरे संतरों को चुनकर छिलके निकाले जाते हैं, फिर 3 दिन से लेकर कई साल तक सुखाए जाते हैं. जितना पुराना छिलका, उतना मीठा, कड़वा और सुगंधित स्वाद. पारंपरिक चीनी चिकित्सा (TCM) में ये पाचन सुधारने, खांसी दूर करने, फेफड़ों को साफ करने और सर्दी-जुकाम में रामबाण माना जाता है. इसमें नोबिलेटिन, हेस्पेरिडिन जैसे तत्व होते हैं जो इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं. रसोई में भी इसका यूज किया जाता है. चेनपी बीफ, ऑरेंज चिकन, चाय या मसालों में मिलाकर पिया जाता है. लेकिन आज इसका असली बाजार दवाई और निवेश में है.

जबरदस्त डिमांड
ज़िन्हुई को ‘चेनपी कैपिटल’ कहते हैं. यहां हजारों एकड़ संतरे के बाग है. हर सर्दी में किसान छिलके सुखाते हैं, फिर एजिंग के लिए स्टोर करते हैं. 1-3 साल वाले छिलके सस्ते (लगभग 600-1000 रुपये किलो) बिकते हैं, लेकिन 10 साल पुराने 12,000 रुपये तक पहुंच जाते हैं. 30 साल वाले 1 लाख रुपये किलो, और 50 साल से ऊपर के तो 8 लाख रुपये (लगभग 10,000 डॉलर) प्रति किलो तक बिकते हैं. 2023 में हॉन्गकॉन्ग ऑक्शन में 1968 का चेनपी 75,000 हॉन्गकॉन्ग डॉलर (करीब 8 लाख रुपये) में बिका था.

बेहद ख़ास हैं ये छिलके
अब सवाल ये है कि आखिर क्यों इनकी इतनी डिमांड है? चीन में TCM का बाजार 2025 तक 500 बिलियन डॉलर का हो चुका है. कोविड के बाद लोग हर्बल दवाओं पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. चेनपी चाय, कैप्सूल या पाउडर में यूज होता है. इसका एक्सपोर्ट भी बढ़ा है. अब अमेरिका, यूरोप में ऑर्गेनिक फूड ट्रेंड में है. लेकिन असली कमाई होर्डिंग से होती है. गृहिणियां घर पर छिलके सुखाकर स्टोर करती हैं और 5-10 साल बाद बेचती हैं. एक फ्रूट वेंडर ने बताया कि पिछले 5 सालों में इन छिलकों की कीमतें 6 गुना बढ़ी है. निवेशक फैक्टरियां चला रहे हैं लेकिन इसकी सप्लाई कम है. ई-कॉमर्स पर लिस्ट होते ही ये झट से बिक जाता है.

आसानी से होता है तैयार
इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है. संतरे धोएं, छिलके निकालें (सफेद भाग हटाएं), धूप में 5-6 दिन सूखा दें. फिर एयरटाइट जार में रख दें. 3 साल बाद ये यूज लायक हो जाता है लेकिन 10+ साल बाद वैल्यू बढ़ जाती है. लेकिन इसमें सावधानी बरतनी भी जरुरी है. अच्छी क्वालिटी के लिए ऑर्गेनिक संतरे यूज करने चाहिए वरना तेल निकल जाएगा. चीन में मशीन्स से प्रोडक्शन बढ़ा है लेकिन हैंडमेड सबसे महंगे बिकते हैं. अब धीरे-धीरे भारत में भी इसका बाजार बढ़ रहा है.

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