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Interesting History Of Every Wood: फिल्मों की दुनिया केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कृतियों, भावनाओं और कल्पनाओं का विशाल महासागर है. दुनियाभर की फिल्म इंडस्ट्रीज अपनी पहचान, भाषा और शैली के हिसाब से अलग भले हों, लेकिन एक दिलचस्प बात सभी में कॉमन दिखाई देती है नामों के साथ जुड़ा ‘वुड’ शब्द. इस परंपरा की शुरुआत अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित हॉलीवुड से हुई, जो बाद में वैश्विक ब्रांड बन गया. क्यों और कैसे चलिए बताते हैं…

नई दिल्ली. फिल्मों में एक ऐसा जादू होता है, जो दर्शकों को हंसाने, रुलाने और सोचने पर भी मजबूर कर देता है. दुनियाभर में हर देश की अपनी फिल्म इंडस्ट्री होती है, लेकिन एक बात लगभग सभी इंडस्ट्रीज में एक जैसी दिखती है और वो है ‘वुड’ शब्द. हॉलीवुड, बॉलीवुड, टॉलीवुड, सैंडलवुड समेत कई इंडस्ट्रीज अब सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक ब्रांड और गर्व का प्रतीक बन गए हैं. फोटो साभार-@GeminiAI

‘वुड’ शब्द की शुरुआत अमेरिका के लॉस एंजेलिस शहर से हुई थी. हॉलीवुड का नाम वहां के इलाके हॉलीवुड से लिया गया और यह धीरे-धीरे पूरी दुनिया में मशहूर हो गया. इसके बाद भारत की फिल्मों ने हॉलीवुड से प्रेरणा ली और हॉलीवुड का ‘एच’ हटाकर ‘बी’ लगा दिया, क्योंकि हिंदी फिल्में मुंबई, जो उस वक्त बंबई के नाम से जानी जाती थी, में बनती थीं और इसी तरह बॉलीवुड का नाम बना. धीरे-धीरे भारत की अलग-अलग भाषा की फिल्म इंडस्ट्रीज ने भी ‘वुड’ जोड़कर अपनी-अपनी पहचान बनाई. फोटो साभार-@GeminiAI

ऑलीवुड: ऑलीवुड का नाम उड़िया फिल्मों के लिए मशहूर है, जो ओडिशा की लोककथाओं, त्योहारों और सांस्कृतिक जीवन को बड़े पर्दे पर दर्शाती हैं. यहां की फिल्मों में पारंपरिक नृत्य और संगीत का खास महत्व होता है. ऑलीवुड की फिल्मों में अक्सर सामाजिक मुद्दों और पारिवारिक कहानियों को प्रमुखता दी जाती है, जिससे यह इंडस्ट्री स्थानीयों के साथ-साथ बाहर के लोगों के लिए भी रोचक है. फोटो साभार-@GeminiAI
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कॉलीवुड: कॉलीवुड तमिल सिनेमा के लिए प्रसिद्ध है. इसका नाम तमिलनाडु के कोडांबी इलाके से आया है. कॉलीवुड में रंगीन गाने, शानदार डांस और एक्शन सीन देखने को मिलते हैं. तमिल फिल्मों में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी बड़े प्रभाव के साथ दिए जाते हैं. फोटो साभार-@GeminiAI

सैंडलवुड: कर्नाटक की कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को सैंडलवुड कहा जाता है. इसका नाम कर्नाटक के मशहूर सैंडलवुड पेड़ से प्रेरित है. सैंडलवुड की फिल्में अक्सर पारिवारिक, रोमांटिक और ऐतिहासिक कहानियों पर आधारित होती हैं.यहां की फिल्मों में लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक होती है. यह इंडस्ट्री अपने संगीत और गीतों के लिए भी जानी जाती है. फोटो साभार-@GeminiAI

मॉलीवुड: मॉलीवुड मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को कहते हैं. यह इंडस्ट्री अपनी गहरी कहानियों के लिए जानी जाती है. केरल के हरियाली भरे दृश्य और बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्मों को और भी जीवंत बनाते हैं. मॉलीवुड की फिल्में मजबूत संवाद और शानदार अभिनय के लिए पुरस्कार भी जीतती आई हैं. फोटो साभार-@GeminiAI

ढालीवुड: बांग्लादेश की राजधानी ढाका की फिल्म इंडस्ट्री को ढालीवुड कहा जाता है. ढालीवुड की फिल्में बांग्लादेश की लोक संस्कृति, त्योहारों और जीवनशैली को बड़े पर्दे पर पेश करती हैं. यहां की फिल्मों में पारिवारिक और रोमांटिक कहानियों का मिश्रण होता है. ढालीवुड स्थानीय दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय है और यह इंडस्ट्री अपने गीत-संगीत के लिए भी प्रसिद्ध है. फोटो साभार-@GeminiAI

पॉलीवुड: पॉलीवुड पंजाबी फिल्मों के लिए जाना जाता है. यह इंडस्ट्री खास तौर पर गानों, नृत्य और रंग-बिरंगे लोकेशन्स के लिए मशहूर है. पंजाबी फिल्मों में ह्यूमर, रोमांस और पारिवारिक भावनाओं का मिश्रण रहता है. पॉलीवुड की फिल्में युवा दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं. फोटो साभार-@GeminiAI

कालीवुड: कालीवुड नेपाली सिनेमा के लिए जाना जाता है. इसका मुख्य केंद्र काठमांडु है. कालीवुड की फिल्में नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय जीवन और सांस्कृतिक कहानियों को दर्शाती हैं। यह इंडस्ट्री नेपाल की पहचान के रूप में भी काम करती है. फोटो साभार-@GeminiAI

छॉलीवुड: छत्तीसगढ़ की फिल्म इंडस्ट्री को छॉलीवुड कहा जाता है. छॉलीवुड की फिल्में लोक संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं को बड़े पर्दे पर दिखाती हैं. यहां की फिल्में ग्रामीण जीवन और लोगों की साधारण कहानियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत करती हैं. छॉलीवुड धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रही है. फोटो साभार-@GeminiAI
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