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टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार को अगस्त 1997 में मुंबई में दिनदहाड़े मार दिया गया था. उन पर जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गैंगस्टर ने हमला किया था. हत्या से पहले पुलिस आधिकारी को चेतावनी मिली थी. अब आईपीएस अधिकारी ने इस पूरे वाकये का खुलासा किया है.
गुलशन कुमार की हत्या से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री दहल गई थी.नई दिल्ली: आईपीएस अधिकारी राकेश मारिया मुंबई पुलिस की चर्चित शख्सियत हैं. उन्होंने साल 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में काम किया था. उन्होंने अब टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार की दुखद मौत के बारे में बात की. म्यूजिक इंडस्ट्री के इस दिग्गज की अगस्त 1997 में मुंबई में दिनदहाड़े जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जहां वे अक्सर जाया करते थे. उन्हें बेरहमी से 16 गोलियां मारी गई थीं. अंडरवर्ल्ड के गैंगस्टर दाऊद मर्चेंट को 2002 में गुलशन कुमार की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. राकेश मारिया ने एक ताजा इंटरव्यू में बताया कि कैसे उन्हें गुलशन कुमार की हत्या से कुछ महीने पहले ही अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों ने उन्हें टारगेट की जानकारी दी थी.
राकेश मारिया ने राज शमानी से बातचीत में कहा, ‘अप्रैल 1996 में रात के 3 बजे मुझे लैंडलाइन पर एक कॉल आई और उस शख्स ने मुझे बताया कि गुलशन कुमार का विकेट गिरने वाला है. उसने बताया कि अबू सलेम ये सब कर रहा है और वह प्लान कर रहा है कि गुलशन को शिव मंदिर के बाहर गोली मारे, जहां गुलशन अक्सर जाया करते थे.’
महेश भट्ट को किया था कॉल
राकेश मारिया ने तुरंत फिल्ममेकर महेश भट्ट को कॉल किया, जिन्होंने गुलशन कुमार को खतरे के बारे में आगाह किया. उन्होंने कहा, ‘सुबह मैंने महेश भट्ट को कॉल किया, उस वक्त वे गुलशन कुमार के साथ एक फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे. मैंने महेश से कहा कि गुलशन को बोलो कि उस दिन घर से बाहर न निकलें. इसी बीच मैंने क्राइम ब्रांच को भी कॉल किया और गुलशन कुमार की सिक्योरिटी देने के लिए कहा.’ गुलशन कुमार को पुलिस सुरक्षा दिलवाने और आगाह करने के बाद राकेश मारिया इस कॉल को भूल गए थे. लेकिन कुछ महीनों बाद उन्हें गुलशन कुमार की हत्या की चौंकाने वाली खबर मिली. उन्होंने कहा, ‘अगस्त में मुझे पता चला कि गुलशन कुमार को शिव मंदिर के बाहर गोली मार दी गई है. मैं हैरान रह गया क्योंकि मुझे लगा था कि हमने उन्हें सुरक्षा दी थी.’
लापरवाही ने ले ली जान
राकेश ने आरोप लगाया कि पहली चेतावनी के कई महीने बाद गुलशन कुमार और उनके सिक्योरिटी गार्ड लापरवाह हो गए थे, जिसकी वजह से वे अकेले ही उसी शिव मंदिर गए, जहां उनकी हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता चला कि मुंबई पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी थी, लेकिन उनकी नोएडा में बड़ी कैसेट फैक्ट्री थी, इसलिए यूपी पुलिस ने भी उन्हें बड़ी संख्या में गार्ड दिए थे. वे उनके साथ थे, लेकिन समय के साथ लोग लापरवाह हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि टारगेट की जानकारी बहुत पहले मिली थी और कुछ हुआ नहीं. किसी त्योहार के मौके पर उनके बॉडीगार्ड छुट्टी पर चले गए और वे एक दिन बिना गार्ड के शिव मंदिर गए और वहीं उनकी हत्या कर दी गई.’
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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