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उदयपुर. बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में रविवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया. उदयपुर पुलिस ने मुंबई पुलिस की मदद से यारी रोड स्थित भट्ट की साली के घर पर दबिश देकर उन्हें दबोचा. मेडिकल जांच के बाद बांद्रा कोर्ट से दो दिनों का यानी 9 दिसंबर तक का ट्रांजिट रिमांड मिल गया, और देर रात दोनों को उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया. आज दोनों की जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी होगी, जहां पुलिस रिमांड की मांग करेगी. शहर में सुरक्षा अलर्ट जारी है, और बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज हो गई है.
मुंबई में विक्रम भट्ट से हुई थी मुलाकात
दो फिल्में ही हो सकी रिलीज
दिनेश कटारिया और श्वेतांबरी के अनुमोदन पर वेंडर्स अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित बुट्टाटन, फरजाना आमिरअली आदि को 42.70 करोड़ भुगतान किया गया. लेकिन सिर्फ दो फिल्में रिलीज हुई जबकि ‘विराट’ 25% ही बनी, और ‘महाराणा-रण’ की शूटिंग शुरू ही नहीं हुई. डॉ. अजय मुर्दिया का आरोप है कि फर्जी बिल, ओवर-वैल्यूड वाउचर्स और साजिश से 30 करोड़ हड़प लिए गए. उन्होंने कहा कि यह आर्थिक नुकसान के साथ मेरी पत्नी की स्मृति का अपमान है. इसके बाद भूपालपुरा थाने में विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी, पुत्री कृष्णा, दिनेश कटारिया, को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी, मुदित बुट्टाटन, डीएससी चेयरमैन गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव और फेडरेशन जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे पर बीएनएस की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 316(2) (विश्वासघात), 336(3) (साजिश), 340(2) (जालसाजी) और 61(2) (सामान्य साजिश) लगाई गई.
निर्देशक विक्रम भट्ट ने आरोप को किया था खारिज
निर्देशक विक्रम भट्ट ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि डॉ. मुर्दिया ने फंडिंग रोकी, हमारे पास कॉन्ट्रैक्ट्स के सबूत हैं. पुलिस बैंक स्टेटमेंट, कम्युनिकेशन और फंड फ्लो की जांच करने में जुट गई.पुलिसे ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए महबूब और संदीप त्रिभुवन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. जबकि अन्य फरार चल रहे थे. वहीं 29 नवंबर को लुकआउट नोटिस जारी किया गया जबकि और 8 दिसंबर तक पेशी का नोटिस जारी था. इसके बाद उदयपुर पुलिस ने मुंबई पुलिस की मदद से रविवार को यारी रोड स्थित भट्ट की साली के घर पर दबिश देकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.
कल कोर्ट में पेश कर सकती है पुलिस
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