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गोवा के प्रसिद्ध ‘साओ जोआओ’ त्योहार में एक अनोखी रस्म निभाई जाती है, जिसमें नए दूल्हे को कुएं या तालाब के पानी में उतारा जाता है. यह परंपरा समृद्धि, खुशहाली और नए परिवार में अपनापन दिखाने का प्रतीक मानी जाती है. आइए जानते हैं इस रस्म के पीछे की मान्यता, इसका सांस्कृतिक महत्व और लोगों की सोच.
दूल्हे को तालाब या कुएं में क्यों धक्का देते हैं ससुराल वाले (फोटो:Instagram-@beautyofgoa)दुनिया भर में आज भी ऐसी कई परंपराएं निभाई जाती हैं, जिन्हें जानकर लोग हैरान रह जाते हैं. कहीं ये परंपराएं धार्मिक आस्था से जुड़ी होती हैं, तो कहीं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा होती हैं. भारत भी ऐसी अनोखी रस्मों का खजाना है, जहां हर राज्य और हर इलाके की अपनी अलग परंपरा है. इन्हीं परंपराओं में से एक बेहद दिलचस्प और थोड़ी अजीब लगने वाली रस्म गोवा में निभाई जाती है, जिसे देखकर पहली बार में कोई भी चौंक सकता है.
गोवा का खास त्योहार- साओ जोआओ
अपनी खूबसूरत समुद्री तटों और रंगीन संस्कृति के लिए मशहूर गोवा केवल घूमने-फिरने की जगह ही नहीं, बल्कि अनोखी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. यहां हर साल जून के महीने में ‘साओ जोआओ’ (Sao Joao) नाम का एक खास त्योहार मनाया जाता है. यह त्योहार खासतौर पर उत्तर गोवा(North Goa) के गांवों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.
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