Headlines

जब ऑटो मोड पर उड़ते हैं प्लेन, तो Pilots की सैलरी क्यों होती है इतनी ज्यादा? वायरल सवाल का लोगों ने दिया जवाब

[ad_1]

Last Updated:

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कोरा पर लोग अक्सर अलग-अलग टॉपिक से जुड़े सवाल करते हैं और अन्य यूजर्स उसके जवाब देते हैं. कुछ सालों पहले किसी ने पायलट्स को लेकर सवाल किया. सवाल था- “अगर अधिकतर फ्लाइट ऑटो-पायलट मोड पर चलती है तो पायलट्स को सिर्फ बैठे रहने के लिए इतनी ज्यादा सैलरी क्यों मिलती है?”

जब ऑटो मोड पर उड़ते हैं प्लेन, तो Pilots की सैलरी क्यों होती है इतनी ज्यादा?पायलट्स को ज्यादा सैलरी क्यों मिलती है? (फोटो: Canva)

स्कूल में या घर पर जब बच्चों से पूछा जाता है कि वो बड़े होकर क्या बनेंगे, तो कई बच्चो का जवाब पायलट होता है. हालांकि, बहुत से बच्चे उस सपने को पूरा नहीं कर पाते. जो कर लेते हैं, वो वाकई अपने सपनों को जीने लगते हैं. हवा में उड़ना, प्लेन उड़ाना, यूनीफॉर्म पहनना…जैसी चीजें बड़ी आकर्षक लगती हैं. पर पायलट की नौकरी से जुड़ा एक पहलु है जो लोगों को काफी हैरान करता है. वो ये कि अगर अधिकतर समय पायलट्स ऑटो पायलट मोड पर ही प्लेन उड़ाते हैं, फिर उनकी सैलरी इतनी ज्यादा क्यों होती है? एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये सवाल वायरल हो रहा है, जिसका सैकड़ों लोगों ने जवाब दिया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कोरा पर लोग अक्सर अलग-अलग टॉपिक से जुड़े सवाल करते हैं और अन्य यूजर्स उसके जवाब देते हैं. कुछ सालों पहले किसी ने पायलट्स को लेकर सवाल किया. सवाल था- अगर अधिकतर फ्लाइट ऑटो-पायलट मोड पर चलती है तो पायलट्स को सिर्फ बैठे रहने के लिए इतनी ज्यादा सैलरी क्यों मिलती है? बेशक ये सवाल पायलट्स को आपत्तिजनक लग सकता है क्योंकि वो अपनी नौकरी को पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. इस सवाल पर कई लोगों ने जवाब भी दिया है. पहले जान लीजिए कि पायलट्स की सैलरी होती कितनी है. अलग-अलग वेबसाइट्स के आंकड़ों के मुताबिक पायलट्स की सैलरी उनके अनुभव पर आधारित होती है जो 40 हजार रुपये से लेकर 14 लाख रुपये महीने तक हो सकती है.

एक शख्स का जवाब हुआ वायरल
एलिजैंड्रो मेरेडिज नाम के एक शख्स ने इसका जवाब दिया. शख्स खुद भी एक पायलट है. शख्स ने 7 साल पहले जवाब दिया था और उसके जवाब को 82 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. शख्स ने बताया कि वो एक बार एक शादी समारोह में गया था जहां पर किसी ने उससे यही प्रश्न किया कि उसे इतने पैसे क्यों मिलते हैं? शख्स ने लिखा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब वो जाग रहा होता है. उसके वर्किंग ऑवर्स दूसरों से ज्यादा होते हैं. यह नौकरी सिर्फ तकनीकी नहीं है, इसमें तनाव और ज़िम्मेदारी का स्तर बेहद ऊंचा होता है. शख्स ने कहा कि अक्सर लोग कहते हैं कि आजकल विमान ज़्यादातर ऑटोपायलट पर उड़ते हैं, तो पायलट क्या ही करते होंगे लेकिन हकीकत यह है कि चाहे विमान हाथ से उड़ाया जाए या ऑटोपायलट पर, ज़िम्मेदारी एक बराबर ही होती है. पायलट खाली बैठकर समय नहीं काट सकता. उसने कहा कि एक पायलट को हर समय फैसले लेते रहने पड़ते हैं. वो फैसले सही होने चाहिए. एक गलत निर्णय से नौकरी जा सकती है, लाइसेंस रद्द हो सकता है या उससे भी ज्यादा बुरा कुछ हो सकता है. पायलट ने बताया कि उनकी नौकरी बहुत रिस्की है और जिम्मेदारी वाली है…बस इसी बात का उन्हें पेमेंट दिया जाता है.

अन्य लोगों ने भी दिए जवाब
एक यूजर ने लिखा कि पायलट की नौकरी जितनी ज्यादा रिस्की होती है, उतनी शायद किसी और की नहीं होती. अगर उससे एक छोटी सी भी चूक हुई तो करोड़ों रुपये का प्लेन बर्बाद हो सकता है और लोगों की जान जा सकती है. एक यूजर ने कहा कि किसी पायलट से पूछा गया से सबसे खराब सवाल हो सकता है. एक ने कहा कि ऑटो पायलट से कहीं ज्यादा पायलट्स को काम करना पड़ता है.

About the Author

Ashutosh Asthana

आशुतोष अस्थाना न्यूज़18 हिन्दी वेबसाइट के ऑफबीट सेक्शन चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. यहां वो दुनिया की अजीबोगरीब खबरें, अनोखे फैक्ट्स और सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग न्यूज़ को कवर करते हैं. आशुतोष को डिजिटल मी…और पढ़ें

homeajab-gajab

जब ऑटो मोड पर उड़ते हैं प्लेन, तो Pilots की सैलरी क्यों होती है इतनी ज्यादा?

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *