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अमेरिका के कैलिफोर्निया की रहने वाली एक महिला के पेट में भयानक दर्द होता था, जिसकी वजह 10 किलो का ट्यूमर था. जब वो उस ट्यूमर को निकलवाने हॉस्पिटल गई तो ऑपरेशन के समय डॉक्टर भी दंग रह गए. ट्यूमर के पीछे गर्भाशय से बाहर पूरी तरह विकसित बच्चा छिपा था. जानिए फिर क्या हुआ?
अपने नवजात बच्चे, पति और बेटी के साथ सुज.हमारी लाइफ में कई बार ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, जिनके बारे में जानने के बाद ऐसा लगता है मानो वो कोई चमत्कार हो. पहली बार में उन घटनाओं पर भरोसा नहीं हो पाता. मेडिकल साइंस में तो अक्सर ऐसी घटनाएं सुनने को मिल जाती हैं. कभी कोई मरकर जिंदा हो जाता है, तो कोई जटिल से जटिल बीमारियों में भी बच जाता है. ऐसे मामले डॉक्टरों और विशेषज्ञों को भी हक्का-बक्का कर देते हैं. कैलिफोर्निया की एक 41 वर्षीय महिला सुज लोपेज (Suze Lopez) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उनके पेट में एक बड़ा सा ट्यूमर था, जिसे निकलवाने के लिए वो हॉस्पिटल गईं. लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने जब जांच की तो दंग रह गए. उन्होंने पाया कि सुज के पेट में पूरी तरह से विकसित बच्चा था. ऐसे में 30 एक्सपर्ट की टीम ने मिलकर सुज के ट्यूमर को हटाया और बच्चे की डिलीवरी करवाई.
बता दें कि सुज लोपेज, कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड में एक नर्स हैं. वो सालों से अपने दूसरे बच्चे के लिए गर्भवती होने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली. इस बीच उनके पेट में एक बड़ा ट्यूमर हो गया, जिसकी वजह से दर्द से वो परेशान होने लगीं. यह ट्यूमर लगातार बढ़ता रहा था और इसका वजन लगभग 22 पाउंड (करीब 10 किलोग्राम) हो चुका था. ऐसे में उन्होंने इस ट्यूमर को हटवाने के लिए सर्जरी करवाने का फैसला किया और हॉस्पिटल में भर्ती हुईं. लेकिन हॉस्पिटल में भर्ती करने से पहले उनका एक रूटीन प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया जो पॉजिटिव आया. इस नतीजे को देखकर डॉक्टर और सुज दोनों ही चौंक गए, क्योंकि उन्हें लगा कि इतने बड़े ओवेरियन सिस्ट के कारण यह ‘फॉल्स पॉजिटिव’ हो सकता है. सुज खुद अनियमित पीरियड्स और पेट में हल्के दर्द की आदी थीं, इसलिए उन्हें लगा कि यह सब ट्यूमर के बढ़ने के कारण हो रहा है.
उन्हें यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह अपने दूसरे बच्चे के लिए 17 सालों से जो प्रार्थना कर रही थीं, वह पूरी होने वाली है. तीन दिन बाद जब सुज को पेट दर्द के साथ हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, तो डॉक्टरों ने पाया कि सुज “दुर्लभ” एब्डोमिनल एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से गुजर रही थीं. इस मामले में शिशु गर्भाशय के बाहर मां के पेट की कैविटी में विकसित हो रहा था. सीडर सिनाई हॉस्पिटल के सर्जन जॉन ओजिमेक ने बताया, “सुज गर्भवती थीं, लेकिन उनका गर्भाशय खाली था और वहां 20 पाउंड से अधिक वजन का एक बड़ा ट्यूमर था. वहीं, पूर्ण विकसित एक शिशु पेट में लीवर के पास गर्भाशय पर टिका हुआ था.” डॉक्टर ओजिमेक ने कहा, “यह तर्कसंगत है कि सुज ने सोचा होगा कि उनका ट्यूमर फिर से बड़ा हो रहा है, न कि वह गर्भवती हो सकती हैं.”
हालांकि, एब्डोमिनल एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में शिशु का जीवित रहना असाधारण रूप से दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि नाल (Placenta) पेट में सुरक्षित रूप से विकसित नहीं हो पाती, जिससे मां को भयानक रक्तस्राव का खतरा होता है, जिसके परिणामस्वरूप भ्रूण की मृत्यु हो जाती है. लेकिन इस चमत्कारी मामले में बच्चा पूर्ण रूप से विकसित और स्वस्थ था. जन्म के समय शिशु का वजन 8 पाउंड था और उसका नाम रियू रखा गया. विशाल सिस्ट को हटाने के लिए बुलाए गए स्त्री रोग संबंधी ऑन्कोलॉजिस्ट माइकल मैनुअल ने कहा, “मैंने अपने पूरे करियर में कभी नहीं सुना कि कोई गर्भावस्था इतनी आगे तक पहुंची हो.” इस अद्भुत कार्य को पूरा करने के लिए 30 एक्सपर्ट की एक टीम लगी. ट्यूमर को एक तरफ हटाया गया, ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. बच्चे के जन्म के तुरंत बाद सुज को रक्तस्राव होने लगा. लेकिन डॉक्टरों की टीम ने उन्हें भी बचा लिया.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें
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