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मशहूर था दुकान का चौमिन, दूर-दूर से खाने आते थे लोग, चुपके से मिला देते थे घिनौनी चीज!

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सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के बांडुंग में चलने वाले एक शॉप के वीडियो ने हंगामा मचा दिया. इस दुकान के नूडल्स काफी मशहूर थे. यहां मुस्लिमों की भीड़ लगी रहती थी. लेकिन एक ऐसा वीडियो लीक हुआ, जिसने हंगामा ही मचा दिया.

मशहूर था दुकान का चौमिन, दूर-दूर से खाने आते थे लोग, मिला देते थे घिनौनी चीज!मुस्लिम लोगों ने लगाया नापाक करने का आरोप (इमेज- फाइल फोटो)

इंडोनेशिया के बांडुंग शहर में एक स्ट्रीट फूड स्टॉल ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. जालान सिबाडाक में स्थित ‘मिए दानाउ टोबा’ नाम की यह दुकान 22 साल से नूडल्स (मिए बाबी) बेच रही है और काफी लोकप्रिय है. दूर-दूर से लोग यहां स्वादिष्ट नूडल्स खाने आते थे. लेकिन एक वायरल वीडियो ने सबकुछ बदल दिया.

वीडियो में देखा गया कि पुरुष विक्रेता पेकी (मुस्लिम टोपी) पहने हुए हैं और महिला विक्रेता हिजाब पहने थी. इस पोशाक में दोनों पोर्क से बने नूडल्स परोसते नजर आए. यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, वायरल हो गया. दुकानदारों के गेटअप देखकर कई मुस्लिम कस्टमर यहां से नूडल्स ख़रीदकर ले जाते थे. लेकिन अब पता चला कि इसमें तो सूअर का मांस मिलाया जाता था.

वायरल हुआ वीडियो
इंडोनेशियाई पोर्टल देटिक पर इसका वीडियो शेयर किया गया, जहां से इसने हंगाम मचा दिया. इसे देखने के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया. नेटिजन्स ने इसे मुस्लिम ग्राहकों को धोखा देने की कोशिश बताया. कई लोगों ने लिखा कि दुकान में कहीं भी नॉन हलाल फ़ूड का स्टिकर नहीं था. साथ ही दुकानदार मुस्लिम कपड़ों में पोर्क बेचते नजर आए. ये तो मुस्लिमों को धोखा देने की ही कोशिश है. एक यूजर ने सवाल किया कि ऐसे कपड़े पहनकर नॉन-हलाल फूड बेचना कैसे सही है? अगर कोई मुस्लिम ग्राहक गलती से खरीद ले तो? इंडोनेशिया के कानून के मुताबिक नॉन-हलाल प्रोडक्ट्स पर क्लियर इंडिकेशन जरूरी है ताकि कंज्यूमर भ्रमित ना हो.

विवाद के बाद बदले हालात
जैसे ही ये मामला गरमाया, वैसे ही दुकान की स्थिति बदल गई. अब स्टॉल के सामने ग्लास पर ‘नॉन-हलाल’ स्टिकर लगा दिया गया है. साथ ही विक्रेताओं ने पेकी और हिजाब भी उतार दिया है. दुकान में चार विक्रेता व्यस्त थे, तीन नूडल्स पैक कर रहे थे और एक ऑर्डर ले रहा था. यह स्टॉल दानाउ टोबा नाम से जाना जाता है, जो उत्तर सुमात्रा के बैटक लोगों से जुड़ा है, जो ज्यादातर क्रिश्चियन हैं और पोर्क खाते हैं. लेकिन विक्रेताओं ने अपना धर्म छिपाकर मुस्लिमों को भी पोर्क बेच दिया.

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Sandhya Kumari

न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.

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