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यात्रा के दौरान बैग खो जाना कोई नई बात नहीं है, खासकर जब सफर अंतरराष्ट्रीय हो. एयरपोर्ट, फ्लाइट और ट्रांजिट के बीच कई बार लोगों का सामान गायब हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो बैग अपने असली मालिक तक वापस नहीं पहुंच पाते, उनका आखिर होता क्या है? यही सवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक दिलचस्प कहानी की वजह बना हुआ है.
दरअसल, जो बैग लंबे समय तक लावारिस रहते हैं और जिनका कोई मालिक सामने नहीं आता, उन्हें कुछ महीनों बाद नीलामी में बेच दिया जाता है. ऐसी नीलामी में लोग कम कीमत पर सूटकेस या बैकपैक खरीदते हैं, इस उम्मीद में कि शायद अंदर से कोई कीमती चीज मिल जाए. कई लोग इसे किस्मत आजमाने जैसा मानते हैं कभी jackpot लग जाए, तो कभी सिर्फ कबाड़ हाथ लगे.
हजारों रुपये में बड़ी उम्मीदों के साथ खरीदा बैग
इसी उम्मीद के साथ इंग्लैंड के हैम्पशायर के रहने वाले 26 साल के स्कॉट फेंसोम ने एक छोड़ा हुआ Nike Air बैकपैक खरीदा. उन्होंने इसके लिए सिर्फ £10((करीब 1,000 रुपये) चुकाए. स्कॉट को लगा कि शायद यह उनका लकी डे साबित हो और बैग के अंदर कुछ महंगा या काम का सामान मिल जाए. स्कॉट ने बैग खोलने की पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया.
बैग खुलते ही टूटी उम्मीदें
जैसे ही स्कॉट ने बैग खोला, उनकी उम्मीदों को पहला झटका लगा. बैग के अंदर सबसे पहले उन्हें कुछ बेकार चीजें मिलीं जैसे सिगरेट के टुकड़े, एक छोटा फॉब और इधर-उधर का कबाड़. यह देखकर साफ था कि कोई खजाना तो नहीं मिलने वाला. इसके बाद बैग से और भी सामान निकला, जिसमें औजार, खाली रेड बुल की कैन, पढ़ने का चश्मा, हाई-विजिबिलिटी जैकेट और डियोड्रेंट शामिल थे. इतना ही नहीं, बैग में एक जैकेट, अखबार, होटल का बिल और कुछ इलेक्ट्रिकल केबल भी मिले. कुल मिलाकर, सामान बिल्कुल भी कीमती नहीं था.
कुछ अच्छी चीजें भी निकलीं
हालांकि सब कुछ निराशाजनक नहीं था. बैग में एक जोड़ी जूते और डीवॉल्ट (DeWalt) कंपनी के हेडफोन भी मिले, जिनकी कीमत बैग के दाम से कहीं ज्यादा थी. तकनीकी तौर पर देखा जाए तो स्कॉट का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन उनकी उम्मीदें फिर भी पूरी नहीं हो पाईं. द मिरर के अनुसार, स्कॉट ने खुद कहा- “मुझे थोड़ा और बेहतर मिलने की उम्मीद थी. शुरुआत तो काफी उम्मीदभरी लगी थी.”
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