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56 साल पुराना वो कालजयी सॉन्ग, सुनते ही बूढ़ों में आ जाती है बहार, हर जनरेशन की पसंद, सुपरहिट हुई मूवी

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Bollywood Evergreen Song : कुछ गाने रूह में बस जाते हैं. समय गुजरता जाता है लेकिन इनका क्रेज कम नहीं होता. ऐसे कालजयी सॉन्ग हर जनरेशन की पसंद बन जाते हैं. 56 साल पहले 25 अप्रैल 1969 में रिलीज हुई जीतेंद्र, तनूजा और संजीव कुमार की फिल्म ‘जीने की राह’ का एक गाना आज भी सिने प्रेमियों के दिल में धड़कता है. इस गाने के बोल थे : ‘आने से जिसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार, बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा….’ एलवी प्रसाद के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था. गीत आनंद बख्शी ने लिखा था. इस सदाबहार गाने को मोहम्म्द रफी ने गाया था. लक्ष्मीकांत को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. लता मंगेशकर को इसी फिल्म के एक अन्य सॉन्ग ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. फिल्म में ‘आने से जिसके आए बहार’ के कुल तीन वर्जन सुनने को मिले थे. ‘जीने की राह’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म में 1. 60 करोड़ का कलेक्शन किया था. 1969 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी फिल्म थी.

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56 साल पुराना वो कालजयी सॉन्ग, सुनते ही बूढ़ों में आ जाती है बहार

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