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Ajab Gajab News: सीकर जिले के सिंगरावट गांव में किसान अशोक कुमार शर्मा के खेत में उगा पपीता भगवान गणेश के स्वरूप का प्रतीत हो रहा है. इस अद्भुत पपीते को देखकर स्थानीय लोग और दूर-दूर से आए लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं. अशोक कुमार ने इसे पूजा घर में रखकर पूजा करना शुरू कर दिया है. कई व्यापारियों ने इस एक पपीते की कीमत 5 हजार रुपए से अधिक लगाई लेकिन, किसान वे इसे बेचना नहीं चाहते.
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में इन दिनों किसान के खेत में उगे पपीता के फल ने लोगों का ध्यान खींचा है. यह पपीता का फल भगवान गणेश जी की आकृति जैसा नजर आ रहा है. पपीते का आकार, उभार और बनावट ऐसी है कि देखने वालों को इसमें बिल्कुल विघ्नहर्ता गणेश का स्वरूप दिखाई दे रहा है. राजस्थान की संस्कृति में धर्म और प्रकृति का गहरा रिश्ता माना जाता है, ऐसे में इस घटना को लोग चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं. खेत, किसान और फसल से जुड़ा यह दृश्य श्रद्धा और विश्वास की भावना को और मजबूत कर रहा है. लोग ग्रामीण ही नहीं बल्कि दूर दूर से लोग इस पपीते को देखने के लिए आ रहे हैं.
यह भगवान गणेश के स्वरूप वाला पपीता सिंगरावट गांव के रहने वाले किसान अशोक कुमार शर्मा के खेत में उगा है. उन्होंने अपने खेत में सैकड़ों पपीता ने पेड़ लगा रखे हैं. ऐसे में 2 दिन पहले वे पपीता के पेड़ों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर इस पपीते पर पड़ी. इसके बाद उन्हें भगवान गणेश के इस स्वरूप वाले पपीता का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. इसके बाद इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. कई व्यापारियों ने इस एक पपीते की कीमत 5 हजार रुपए से अधिक लगाई लेकिन, किसान ने इसे बेचा नहीं.
घर में विघ्नहर्ता का हुआ है आगमन
उन्नत खेती के लिए जाने जाते हैं अशोक कुमार
आपको बता दें कि, अशोक कुमार ने विदेश में नौकरी करने के बाद वापस अपने गांव आकर खेती करने का निर्णय लिया था. उन्होंने पारंपरिक फार्मिंग को अपनाया और आज वे पपीता की खेती के साथ एपिकल्चर यानी मधुमक्खी पालन भी कर रहे हैं. अशोक शर्मा बताते हैं कि वे हमेशा नेचुरल तरीके से खेती करते हैं और इसे भगवान का प्रसाद मानते हैं. जब उन्होंने गणेश जी रूपी पपीते को देखा तो वे भावुक हो गए. उनके लिए यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि मेहनत और आस्था का फल है.
माना जा रहा है शुभ संकेत
लोक-संस्कृति में ऐसे संकेतों को शुभ माना जाता है. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि प्रकृति कई बार ईश्वर का संदेश देती है. किसान इसे आने वाले समय में अच्छी फसल और खुशहाली का संकेत मान रहे हैं. लोग मानते हैं कि भगवान गणेश का रूप विघ्नों को दूर करता है और नई शुरुआत का प्रतीक होता है. ऐसे में गांव के किसान और लोग अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार की फसल अच्छी होने वाली है और गांव की तरक्की भी बढ़ाने वाली है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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