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साल 2025 अब खत्म होने के कगार पर है. इसके साथ ही बीतने वाले साल से जुड़े अच्छे और बुरे फैक्ट्स सामने आने लगे हैं. इस साल दुनिया की सबसे घटिया एयरलाइन्स के नाम की घोषणा हो गई है.
इन एयरलाइन्स से करवाया टिकट तो देरी पक्की (इमेज- फाइल फोटो)बीते कुछ दिनों से भारत में इंडिगो की खूब चर्चा है. नए नियमों की वजह से कंपनी ने कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दिए. लेकिन अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ये सबसे खराब एयरलाइन है तो जरा रुकिए. 2025 की सबसे घटिया एयरलाइन की लिस्ट में यूके के एक बजट एयरलाइन ने बाजी मारी है. इस लिस्ट को एक फ्लाइट ट्रैकिंग एप Flighty ने जारी किया है. इस लिस्ट में Ryanair, easyJet और Air France ने संयुक्त रूप से पहला स्थान पाया है. इनकी 29 प्रतिशत फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
फ्लाइट ट्रैकिंग एप Flighty ने साल के हर दिन हर एयरलाइन्स के फ्लाइट्स पर नजर रखी. किसने कब उड़ान भरी, कितनी उड़ानें रद्द हुई, और हर प्लेन के टेक ऑफ और लैंडिंग का क्या शेड्यूल था. इनके आधार पर ही घटिया एयरलाइन के नाम की घोषणा की गई है. इस ऐप ने पाया कि 2025 में फ्लाइट डिले की वजह से यात्रियों के कुल 3.9 मिलियन घंटे बर्बाद हुए.
ये रही सबसे घटिया एयरलाइन्स
ऐप के मुताबिक, साल 2025 में सबसे अधिक उड़ानें रद्द या देर से उड़ान भरने वाली एयरलाइन्स रयनेर, इजी जेट और एयर फ्रांस थी. इसके बाद चौथे नंबर पर फ्रंटियर एयरलाइन्स थी. इसकी 28 प्रतिशत फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी, जिसकी वजह से ये यूएस की सबसे घटिया एयरलाइन्स बन गई. इसके बाद 26 प्रतिशत डिले फ्लाइट्स के साथ लुफ्थांसा और कांटास पांचवें नंबर पर है. इसके बाद केएलएम रॉयल डच, एयर कनाडा, जेटब्लू एयरवे और साउथ ईस्ट एयरलाइन्स को 25 प्रतिशत डिले फ्लाइट्स की वजह से दसवां स्थान मिला है.
ये था आधार
ऐप ने कई आधारों पर ये लिस्ट जारी की है. इसमें रनवे कंजेशन, टैक्सिंग, और दो फ्लाइट्स के बीच का अंतर शामिल है. ऐप ने दुनिया के 10 में से तीन फ्लाइट्स को ट्रैक किया था. यानी उसने कुल छह मिलियन फ्लाइट्स को ट्रैक किया था. फ्लाइट्स की उड़न भरने में होने वाली देरी के अलावा गेट पर बैठने और फ्लाइट में चढ़ने में होने वाली देरी की वजह से भी 1.4 मिलियन घंटे बर्बाद हुए थे. बता दें कि छुट्टियों का सीजन आते ही कई एयरलाइन्स डिले फ्लाइट्स फेस कर रहे हैं. ऐसे में अब लिस्ट के जारी होने से लोग इन एयरलाइन्स का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं.
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