Headlines

Gay-Lesbian: खत्म हो रहा हैं लेस्बियन शब्द का चलन, Gen Z को भाए नए-नए वर्ड्स, इस्तेमाल कर रहे हैं ये टर्म्स

[ad_1]

Last Updated:

कुछ समय पहले तक दुनिया में लेस्बियन शब्द का इस्तेमाल उन लड़कियों के लिए होता था, जिन्हें सेम सेक्स में इंट्रेस्ट था. लेकिन अब इस शब्द का चलन खत्म हो रहा है.

खत्म हो रहा हैं लेस्बियन शब्द का चलन, Gen Z को भाए नए-नए वर्ड्सबदल रहा गे-लेस्बियन का कांसेप्ट (इमेज- फाइल फोटो)

एक समय था जब परिजनों को ये चिंता होती थी कि कहीं उनके बच्चे इंटर कास्ट मैरिज ना कर लें. तब एक ही धर्म और जात का बैरियर रहता था. लेकिन अब समय बदल गया है. अब परिजनों को ये भी डर लगा रहता है कि कहीं उनके बच्चे सेम सेक्स में शादी ना कर लें. समय में आए बदलाव की वजह से अब गे और लेस्बियन रिश्तों की संख्या बढ़ रही है. इसकी वजह अब इन समूहों का खुलकर सामने आना भी शामिल है. हालांकि, नए जमाने में और भी कई नए बदलाव आए हैं.

एक समय था जब वो लड़कियां, जिनका इंट्रेस्ट लड़कियों में ही होता था, उन्हें लेस्बियन बुलाया जाता था. लेकिन अब समय में आए बदलाव ने इस शब्द को घूमिल कर दिया है. आज का जमाना जेन जी का है. यानी अब के बच्चे हर चीज को एडवांस और आने रूप में करना पसंद करते हैं. ये जेनरेशन लेस्बियन जैसे शब्द का इस्तेमाल करना अवॉयड कर रही है. इसकी जगह अब कई नए शब्द चलन में आ रहे हैं. आपको भी समय के साथ अपनी शब्दावली अपडेट कर लेनी चाहिए.

सामने आए नए शब्द
एक नई स्टडी में सामने आया है कि 122 देशों के युवा अब लेस्बियन शब्द का इस्तेमाल बंद कर रहे हैं. इसकी जगह नए शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है. इसमें क्वीर, पैनसेक्सुअल ऐसेक्सुअल जैसे शब्द शामिल हैं. मेनचेस्टर यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने Zoe नाम की डेटिंग ऐप, जो लेस्बियन महिलाओं के लिए बनी है, पर मौजूद एक मिलियन से ज्यादा यूजर्स के डाटा के आधार पर ये निष्कर्ष निकाला है. उन्होंने पाया कि ये जेनरेशन खुद को लेस्बियन की जगह दूसरे शब्दों से बुलवाना पसंद कर रही है.

बदल रही है दुनिया
एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, आज की ये जेनरेशन खुद को कई दूसरे शब्दों से पहचान करवाना पसंद कर रही है. साथ ही इनके आंकड़े भी बढ़ रहे हैं. ये रिसर्च 122 देशों के यूजर्स पर आधारित थी. इसमें जनवरी 2023 से मई 2025 के आंकड़े शामिल है. साथ ही कुल 913,253 यूजर्स पर ये रिसर्च की गई थी. इसमें 48.3 प्रतिशत लोग लेस्बियन, 39.8 प्रतिशत बाइसेक्सुअल, 6.6 प्रतिशत पैनसेक्सुअल, 3.4 प्रतिशत क्वीर, 1.2 प्रतिशत गे और 0.7 प्रतिशत ऐसेक्सुअल के तौर पर पहचाने गए. इसमें युवाओं की संख्या क्वीर, पैनसेक्सुअल में ज्यादा थी. आपको बता दें कि इन सब शब्दों का मतलब भी अलग होता है-

गे: एक आदमी दूसरे आदमी से आकर्षित होता है.
लेस्बियन: एक महिला दूसरी महिला से आकर्षित होती है
बाईसेक्सुअल: वो इंसान जो महिला और पुरुष दोनों के प्रति आकर्षित होता है.
पैनसेक्सुअल: वो शख्स जो हर लिंग से आकर्षित होता है.
ऐसेक्सुअल: एक शख्स जो किसी के प्रति आकर्षित नहीं होता.

About the Author

Sandhya Kumari

न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.

homeajab-gajab

खत्म हो रहा हैं लेस्बियन शब्द का चलन, Gen Z को भाए नए-नए वर्ड्स

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *