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कच्छ: उस समय लोग यह नहीं जानते थे कि कच्छ में एक सफेद रेगिस्तान (सॉल्ट डेजर्ट) भी है. हर साल रणोत्सव आयोजित होने के साथ-साथ, सरकार ने इसे और ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए. नजदीकी गांवों और राज्य सरकार ने रणोत्सव को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.
पर्यटकों को नेचर ज़ोन में रहना ज़्यादा पसंद
बता दें कि दिवाली त्योहार के बाद कच्छ में रणोत्सव की शुरुआत होती है. हर साल लाखों पर्यटक रणोत्सव का आनंद लेने आते हैं. अब कच्छ जिले में पर्यटक टेंट्स में रुकने के बजाय नेचर ज़ोन में रहना ज़्यादा पसंद कर रहे हैं. नेचर ज़ोन का मतलब है शांत और प्राकृतिक माहौल में, प्राकृतिक तरीके से रहना और खाना. यहां शहरी भीड़भाड़ से दूर रहकर प्रकृति का अनुभव किया जा सकता है.
वागड़ क्षेत्र के प्राकृतिक परिवेश में स्थित मेरिया नेचर पार्क में मेरिया नेचर ज़ोन शुरू किया गया है. लोकल 18 से बात करते हुए मेरिया नेचर ज़ोन के मैनेजर ने बताया, “हमारे फार्म पर अब तक 22 देशों के लोग आ चुके हैं. फोटोग्राफी के शौकीन और प्रकृति प्रेमी यहां आते हैं.” सफेद रण, धोलावीरा और LRK जैसी जगहें यहां से काफी पास हैं. इसलिए पर्यटक यहां से पूर्वी कच्छ की भाटिगल संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं.
उन्होंने आगे बताया, “हमारे यहां प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित है. खाना चूल्हे पर पकाया जाता है. इसके लिए हमारे फार्म में प्राकृतिक रूप से उगने वाली सब्ज़ियों और अनाज का उपयोग होता है.”
नेचर ज़ोन में पर्यटकों को घर जैसा अनुभव
बता दें कि पिछले 5 वर्षों में कच्छ जिले में आने वाले पर्यटक नेचर ज़ोन में रहना ज़्यादा पसंद कर रहे हैं. यहां पर्यटकों को गांव जैसा अनुभव मिलता है, और वे प्राकृतिक जीवन का आनंद उठा सकते हैं. मेरिया नेचर ज़ोन, कच्छ जिले के छोबारी गांव के पास स्थित है. यहां से कच्छ के दुर्लभ प्राकृतिक और खूबसूरत नज़ारे देखे जा सकते हैं. शहरी शोर और भीड़भाड़ से दूर, यह जगह सुकून का अनुभव देती है.
रणोत्सव से बढ़ा पर्यटन और बिजनेस
कच्छ के नेचर ज़ोन, रिसॉर्ट्स और टेंट सिटी में बुकिंग्स पूरी तरह से भरी हुई हैं. देश-विदेश से लाखों पर्यटक रणोत्सव (Tourist Festival) का आनंद लेने कच्छ आते हैं. पिछले 5 वर्षों में यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. कच्छ में पर्यटन के विकास (growth of tourism) से कई बिजनेस भी फल-फूल रहे हैं. होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग जैसे बिजनेसों को इसका बड़ा लाभ मिला है. इस साल दिसंबर से फरवरी तक कच्छ के होटल और रिसॉर्ट्स पूरी तरह से बुक हैं.
Tags: Local18, Special Project
FIRST PUBLISHED : December 15, 2024, 18:25 IST
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