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Khajuraho Western Temple. छतरपुर जिले में वैसे मंदिर तो बहुत हैं लेकिन खजुराहो के ये मंदिर अपने आप में अद्भुत हैं. इन मंदिरों की बनावट और इनका इतिहास हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है. अगर आप खजुराहो का प्लान बना रहे हैं तो पश्चिम मंदिर के इन मंदिरों को भी जरुर घूमें. यहां आपको लक्ष्मण मंदिर, जगदम्बी मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वनाथ मंदिर और वराह मंदिर घूमने को मिल जाते हैं. यहां आकर नए साल को सेलिब्रेट कर सकते हैं.
चित्रगुप्त मंदिर
सालों से गाइड का का काम कर रहे बृजेश मिश्रा बताते हैं कि चित्रगुप्त मंदिर खजुराहो का एकमात्र मंदिर है जो सूर्य देव को समर्पित है. इसके गर्भगृह में आकर्षक सूर्य प्रतिमा स्थापित है. जिसमें सूर्य को सात अश्वों वाले रथ में दिखाया गया है.
विश्वनाथ मंदिर
वहीं विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. खजुराहो में निर्मित सभी मंदिरों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है. मंदिर के मण्डप में लगे शिलालेख के मुताबिक इस मंदिर का निर्माण सन् 1002 में राजा धंग द्वारा कराया गया था. वर्तमान में यहां केवल पत्थर का शिवलिंग बचा है.
लक्ष्मण मंदिर
लक्ष्मण मंदिर की बात करें तो यह विष्णु के वैकुण्ठ रूप को समर्पित है. इस मंदिर का निर्माण चंदेल शासक यशोवर्मन द्वारा लगभग 930 से 950 ईं. के बीच किया गया था. यह पंचायतन शैली का संधार मंदिर है. संपूर्ण मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर स्थित है. गर्भगृह में चतुर्भुजी विष्णु के वैकुण्ठ स्वरुप की प्रतिमा स्थापित है. जिसमें उनके तीन मुख बने हैं बीज का मुख मनुष्य का और बगल के दो वराह और सिंह के हैं.
वहीं जगदम्बी मंदिर जो माता पार्वती को समर्पित है. इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित पार्वती प्रतिमा के कारण ही इसे जगदम्बी मंदिर कहा जाता है.
इसके अलावा यहां वराह मंदिर भी है. यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार वराह को समर्पित है. यहां वराह की मूर्ति बनाई गई है. इस मूर्ति में देवी-देवताओं को छोटी-छोटी मूर्तियां भी बनाई गई हैं.
बता दें, खजुराहो के इन सभी पश्चिमी मंदिरों के दर्शन आप सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच कर सकते हैं. मंदिर परिसर में घूमने के लिए भारतीय नागरिकों को 35 रुपये का टिकट लेना होता है.
Tags: Ajab Gajab, Chhatarpur news, Dharma Aastha, Madhya pradesh news, Travel 18
FIRST PUBLISHED : December 30, 2024, 16:29 IST
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