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एक किरदार पाने के लिए मुंबई का लगाते थे चक्कर, फिर इस चिट्ठी ने किया कमाल, जानें अली खान के संघर्ष की कहानी

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गया:- बिहार के कई कलाकार भोजपुरी फिल्म उद्योग और बॉलीवुड में अलग पहचान बना चुके हैं. इन्हीं में से एक गया जिले के नक्सल प्रभावित डुमरिया प्रखंड क्षेत्र के चोनहा गांव से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले अली खान की कहानी बताने जा रहे हैं. अली खान भोजपुरी, हिंदी, बंगाली, गुजराती, अंग्रेजी, तमिल, तेलगू समेत कई भाषाओं में 200 से अधिक फिल्म में अभिनय कर चुके हैं. गया के एक छोटे से गांव से निकलकर अली खान ने बॉलीवुड में पहचान बनाई है और पिछले 44 साल से इनका जलवा बरकरार है. हालांकि यहां तक पहुंचना इनके लिए यह सफर इतना आसान नही रहा.

स्टूडियो में शूटिंग देखकर बढ़ा हौसला
1975 में पहली बार अली खान हज से लौटे अपने रिश्तेदार को लाने मुंबई गये थे. वहां उन्हें आरके स्टूडियो में जाने का मौका मिला. स्टूडियो में महानायक अमिताभ बच्चन और रंजीत जी के दो फिल्म की शूटिंग चल रही थी. शूटिंग के बाद इन्हें दोनों से मिलने का मौका मिला और इन्होंने ऑटोग्राफ लिया और फिर वापस गांव आ गये. वहीं से इन्होंने अभिनेता बनने की ठान ली. इन्हें कम उम्र से ही अभिनय और अभिनेता पर आधारित पुस्तकें और मैगजीन पढ़ते और अभिनय का शौक था. गांव में वह दुर्गा पूजा और दूसरे पर्व में आयोजित ड्रामा में कई तरह के किरदार निभाते थे.

अली खान ने गांव में ही स्थित मैगरा हाई स्कूल से मैट्रिक, गया के मिर्जा गालिब कॉलेज से इंटर और उसके बाद अनुग्रह कॉलेज से बीएससी किया और यहीं से एलएलबी की पढाई कर रहे थे. पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे, लेकिन अली खान को वकील बनने में कोई रुचि नहीं थी, जिस कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़कर 1980 में मुंबई दोबारा चले गये. वहां गया के मैगरा के रहने वाले इनके दोस्त रमेश सिंह ने इनके तस्वीर को कई स्टूडियो में दिखाया. बात नहीं बनने पर वह वापस गांव आ गये. फिर इनका लगातार मुंबई आना-जाना लगा रहा. बिहार आने के बाद गया में इन्होने शत्रुघन जी के मामाजी से मुलाकात की और एक चिठ्ठी लिखी. उन दिनों शत्रुघ्न जी की फिल्म कालका की शूटिंग धनबाद में चल रही थी.

शत्रुघन जी के मामा की चिठ्ठी लेकर पहुंचे धनबाद
अली खान चिट्ठी लेकर धनबाद चले गये. वहां इन्होंने शत्रुघन जी से मुलाकात की. फिल्म कालका की कास्टिंग पूरी हो गई थी. चूंकि इनके पास शत्रुघन जी के मामा की चिठ्ठी थी, तो इन्हें काम मिल गया. एक दो फिल्म में और काम करने का मौका मिला. उसके बाद इन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और तब से अभी तक लगातार 200 से अधिक फिल्म में किरदार निभा चूके हैं. इन्हें कई सुपरहिट फिल्म जैसे खुदा गवाह, गदर-1, गदर-2, इंडियन, मां तुझे सलाम, अल्लाह रखा, तुफान जैसे फिल्म में अभिनय करने का मौका मिला. इन्होंने टिपू सुल्तान सीरियल में भी काम किया है.

महाभारत में इन्होंने यक्ष का किरदार निभाया है. जैकी श्रॉफ और अमिताभ बच्चन जैसे कलाकार के साथ काम किया, लेकिन फिल्मी करीयर रफ्तार नहीं पकड़ रहा था. एक शायर ने उनका हौसला बढ़ाया और तभी खुदा गवाह फिल्म में काम मिला, जिसमें वो हबीबुल्ला किरदार से प्रसिद्ध हो गए. हबीबुल्लाह किरदार के काम की अमिताभ बच्चन ने भी तारीफ की थी. खुदा गवाह से ही अमिताभ बच्चन से उनकी अच्छी दोस्ती हुई, जो आज तक बरकरार है.

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यंग कलााकारों को दिया मैसेज
अमिताभ बच्चन इनके सुख-दु:ख में साथ रहते हैं. वह इनके बेटा-बेटी की शादी में भी आये थे. अली खान ने उन युवा कलाकारों को भी मैसेज दिया, जो अभिनय की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में कला को लेकर अच्छी समझ है, अच्छे कलाकार हैं और वह मेहनत भी करते हैं. सिर्फ धैर्य रखें और मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी. वह बिहार के युवा कलाकारों को आगे बढ़ना देखना चाहते हैं. इन्होंने बताया कि फिल्म उद्योग में खुद को स्थापित करना इतना आसान नही है. मैने भी खूब संघर्ष किया और आज इस मुकाम पर हैं.

Tags: Bihar News, Bollywood news, Local18

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