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अमीर तो हर कोई होना चाहता है. चाहे बड़े हों या फिर बच्चे, वे चाहते हैं कि अपनी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए उन्हें सोचना न पड़े. हालांकि एक लड़के ने बताया है कि अमीर होने के बाद उसे क्या नुकसान हुए और वो अमीर…और पढ़ें
जब भी आप किसी से उसकी ख्वाहिश पूछेंगे, तो उसमें अमीर होना ज़रूर शुमार होता है. हर कोई चाहता है कि उसके पास पैसों की कोई कमी न हो और एक लग्ज़री लाइफ जी सके. इसके लिए पूरी-पूरी ज़िंदगी लोग मेहनत करते हैं लेकिन कुछ लोगों की ख्वाहिश यूं ही पूरी हो जाती है. एक लड़के के साथ भी ऐसा ही हुआ लेकिन उसे इससे जितनी खुशी नहीं हुई, उससे ज्यादा दुख हो गया.
अमीर तो हर कोई होना चाहता है. चाहे बड़े हों या फिर बच्चे, वे चाहते हैं कि अपनी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए उन्हें सोचना न पड़े. हालांकि एक लड़के ने बताया है कि अमीर होने के बाद उसे क्या नुकसान हुए और वो अमीर होना ही नहीं चाहता था. आप भी सोच रहे होंगे कि भला ऐसा कैसे हो सकता है लेकिन लड़के का तर्क सुनकर आपको उसकी प्रॉब्लम थोड़ी समझ में आने ही लगेगी.
रातोंरात अमीर हो गया परिवार
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में एडेलेड के रहने वाले 22 साल के जेडेन ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी बताई है. उसने बताया कि जब वो 12 साल का था, तब उसका परिवार अचानक से अमीर हो गया. उसके मुताबिक वो अपने भाई-बहनों के साथ स्कूल से जब लौटा, तो मम्मी ने उन्हें सरप्राइज़ दिया. उन्हें लगा कि ये सरप्राइज़ उनकी प्रेग्नेंसी है लेकिन मम्मी ने बताया कि उन्होंने लॉटरी जैकपॉट जीत लिया है और वे अमीर हो गए हैं. जेडेन के मुताबिक उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि पैसे जीतने का मतलब क्या होता है लेकिन उनके माता-पिता बहुत खुश थे. उन्हें दो हफ्ते के लिए स्कूल से छुट्टी दिलाई गई, ताकि ये सोचा जा सके कि वो इस पैसे से क्या कर सकते हैं.
बेटे को नहीं हुई खुशी
जेडेन ने बताया कि वो गरीब से अचानक अमीर हो गए थे लेकिन उसे इससे शर्मिंदगी महसूस हो रही थी. उसे अपने परिवार की इस जीत के बाद दोषी और काफी अलग-थलग महसूस होने लगा. हम बच्चों पर इसका बहुत असर हुआ था. उनके परिवार को भी कई बार अलग-थलग महसूस होता था और हाई सोसायटी में एडजस्ट करने में दिक्कत होती थी. खासतौर पर जेडेन को अमीर होने की वजह से अपराध बोध होता था. आखिरकार वो बड़ा होकर लॉस एंजेलस में शिफ्ट हो गया, तब पता चला कि वे इतने अमीर नहीं थे, वे सिर्फ अच्छी ज़िंदगी जी पा रहे थे क्योंकि यहां अलग ही किस्म के लोग थे.
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