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इस मंदिर से थर-थर कांपते हैं नक्सली, अपराधी खुद कर दते हैं सरेंडर, रोजाना दी जाती हैं 200 से 300 बलि!

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Tapej Baba Dham: तपेज बाबा धाम आस्था और चमत्कार का संगम है, जहां हर धर्म और वर्ग के लोग मन्नत लेकर आते हैं. यहां बड़-बड़े अपराधी भी माथा टेकने आते हैं.

Ajab Gajab: झारखंड के चतरा जिले में स्थित तपेज बाबा धाम एक ऐसा धार्मिक स्थल है, जहां आस्था और चमत्कार की कहानियां हर दिन लिखी जाती हैं. इस स्थान की अनोखी बात यह है कि यहां केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि नक्सली और अपराधी भी मन्नत मांगने आते हैं. यह स्थान लोगों की आस्था का केंद्र है, जहां हर साल हजारों भक्त अपनी समस्याओं के समाधान और मन्नतें पूरी करने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं.

तपेज बाबा धाम का इतिहास और मान्यता
तपेज बाबा धाम को एक पवित्र मंडार के रूप में जाना जाता है. यहां के स्थानीय लोग बताते हैं कि तपेज बाबा एक प्रसिद्ध साधु थे, जिन्हें सिद्धि प्राप्त थी. उनकी दिव्यता को देखते हुए ग्रामीण उन्हें अपने गांव ले आए और जंगल में उनका निवास स्थान बनाया. बाबा ने जीवनभर भक्तों की समस्याओं का समाधान किया. उनके परलोक सिधारने के बाद ग्रामीणों ने उनके नाम पर यह धाम बनाया, जो आज चमत्कारों से भरा धार्मिक स्थल बन गया है.

पाहन करवाते हैं पूजा
तपेज बाबा धाम की एक और अनोखी बात यह है कि यहां पूजा पुजारी नहीं, बल्कि पाहन करवाते हैं. तपेज बाबा धाम की पाहन, पूनिया देवी, बताती हैं कि उनका परिवार आठ पीढ़ियों से बाबा की सेवा कर रहा है. यह पूजा पद्धति पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों पर आधारित है. भक्त यहां अपनी समस्याओं का समाधान पाने और मन्नत मांगने के लिए आते हैं.

मन्नत पूरी होने पर दी जाती है बलि
इस धाम में मन्नत पूरी होने के बाद भक्त बलि चढ़ाते हैं. सालभर यहां रोजाना 200 से 300 बलि दी जाती है, जिसमें मुख्य रूप से सुअर, बकरा और मुर्गे की बलि चढ़ाई जाती है. यह अनुष्ठान स्थानीय परंपराओं का हिस्सा है और बाबा के प्रति भक्तों की गहरी आस्था को दर्शाता है.

नक्सली और अपराधियों की आस्था
तपेज बाबा धाम की लोकप्रियता केवल आम भक्तों तक सीमित नहीं है. यहां एक समय नक्सली और अपराधी भी मन्नत मांगने आते थे. कहा जाता है कि जेल में बंद अपराधी अपनी रिहाई के लिए बाबा से प्रार्थना करते थे. इसके अलावा, जिनके परिवार में संतान नहीं होती या जिनकी शादी में बाधा आ रही हो, वे भी यहां आकर बाबा से मन्नत मांगते हैं.

पत्थरों का अंबार
यहां एक विशेष प्रथा यह भी है कि मन्नत पूरी होने के बाद भक्त पूजा-अर्चना करके एक पत्थर उठाकर एक ढेर में रखते हैं. यह पत्थर बाबा के प्रति कृतज्ञता और उनकी कृपा का प्रतीक है. आज इस धाम में पत्थरों का अंबार लग चुका है, जो यहां आने वाले भक्तों की संख्या और उनकी आस्था को दर्शाता है.

तपेज बाबा धाम का महत्व
तपेज बाबा धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है. यहां की अनोखी पूजा-पद्धति और चमत्कारिक कहानियां इसे पूरे क्षेत्र में खास बनाती हैं. चाहे संतान प्राप्ति हो, शादी में अड़चनें हों, या जीवन में कोई और बड़ी समस्या, बाबा के दरबार में हर भक्त की फरियाद सुनी जाती है.

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