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Ground Report : इस खटारे बस की हो रही जमकर तारीफ; ठंड से बचने के लिए बनाया कुछ ऐसा कि यात्री भी हैरान!

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Jabalpur News : मध्यप्रदेश के जबलपुर में नगर निगम ने ठंड से बचाव के लिए एक अनूठा कदम उठाया है. कबाड़ हो चुकी बस को आश्रय स्थल में बदल दिया गया है, जिसमें गद्दे, कंबल और तकिए उपलब्ध हैं. आईएसबीटी में बनी इस स्लीपर बस…और पढ़ें

जबलपुर. मध्यप्रदेश में कड़कड़ाती ठंड देखने को मिल रही है. ऐसे में नगर निगम जबलपुर ने कमाल कर दिखाया है. दरअसल जबलपुर में ठंड से बचने के लिए कबाड़ हुई बस को एक कमरा की तरह सजा दिया गया हैं या यूं कहां जाए स्लीपर बस. इसमें बकायदा गद्दे, कंबल और तकिए रखे गए हैं. जिससे यात्री ठंड से बचने के लिए बस में ही विश्राम कर सकें.

हालांकि, यह व्यवस्था नगर निगम ने शहर के आईएसबीटी में की हुई है. जहां यात्री निशुल्क रुक रहे हैं. दूसरी तरफ आईएसबीटी के आश्रय स्थल में करीब 40 यात्री नि:शुल्क रुक सकते हैं. लेकिन ठंड होने के कारण बेड पूरी तरह भर जाते हैं. जिसके चलते कबाड़ हुई बस को नगर निगम ने कमरे की तरह बना दिया हैं. देखिए लोकल 18 की यह ग्राउंड रिपोर्ट….

निराश्रित लोगों के लिए व्यवस्था
नगर निगम के द्वारा जुगाड़ से कमाल कर जिस बस को आश्रय स्थल बनाया गया था. वह बस आईएसबीटी बस स्टैंड में खड़ी हुई थी. जैसे ही हम बस के अंदर पहुंचे तब 5 से 6 यात्री आराम कर रहे थे. बस कमरे की तरह दिखाई दे रही थी. जिसमें तकिए, गद्दे, कंबल चादर बकायदा रखे हुए थे. हमारी मुलाकात बस की निगरानी कर रहे शख्स से हुई. जिन्होंने बताया नगर निगम सीमा के अंतर्गत शीत ऋतु के प्रभाव से बचने के लिए बेघर, फुटपाथ में रहने वाले और यात्रियों के लिए भी यह व्यवस्था की गई है. ताकि खुले आसमान के नीचे निवास कर रहे निराश्रित लोग आसानी से ठहर सकें.

रुकने से पहले देखा जाता है आधार कार्ड
भोपाल से आए यात्री ने बताया कि नगर निगम ने जुगाड़ से सच में कमाल किया है. ठहरने के लिए नि:शुल्क व्यवस्था है. सिर्फ आधार कार्ड लगता है. बस के अंदर हर चीज की पर्याप्त सुविधा है. जब हमने स्थानीय नागरिक से सुबह गद्दे और कंबल हटा लेने की बात कही. तब उन्होंने कहा गद्दे 24 घंटे बिछे रहते हैं. वहीं दमोह से जबलपुर पहुंचे यात्री निलेश पाली ने बताया किनागपुर की ओर जा रहे हैं. बस थोड़ी लेट थी. इसी कारण बस को देखा और अंदर अच्छी व्यवस्था लगी तब अंदर आकर बैठ गए.

आखिर क्या बोले JCTSL के सीईओ 
JCTSL के सीईओ सचिन विश्वकर्मा ने बताया मेट्रो बस कबाड़ हो चुकी थी. सीट सहित बस का शेड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था. मेट्रो बस की सीट को अलग कर बकायदा गद्दे, कंबल, तकिए बिछाए गए और शेड के ऊपर टीन से कवर कर दिया गया. जिसे आश्रय स्थल का नाम दिया गया. जिसमें अब 8 से 9 यात्री नि:शुल्क आराम कर सकते हैं. जिसे नगर निगम ने आश्रय स्थल का नाम दिया है. उन्होंने बताया फिलहाल अभी एक बस से नवाचार किया गया है, पब्लिक डिमांड आने पर इसकी संख्या बढ़ा दी जाएगी.

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इस खटारे बस की हो रही जमकर तारीफ! ठंड से बचने के लिए बनाया कुछ ऐसा कि यात्री..

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