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प्रयागराज में महाकुंभ मेले की चर्चा हर तरफ हो रही है. इस प्राचीन परंपरा से जुड़ा हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस वक्त वायरल हो रहा है. 70 साल पहले त्रिवेणी संगम पर स्वतंत्र भारत का पहला कुंभ आयोजित हुआ, जिसका नज़ारा देखकर लोग…और पढ़ें
प्रयागराज में कुंभ मेले का इतिहास इतना गौरवशाली है कि उसे कहते और सुनते हुए लोग गर्व का अनुभव करते हैं. हर 12 साल के बाद संगम के तट पर लगने वाला कुंभ साधु-संतों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन होता है, जिसमें देश-दुनिया के भक्त एक जगह पर एकत्रित होते हैं. यहां साधना और अध्यात्म का जो माहौल होता है, जो किसी के लिए भी यादगार क्षण बन जाता है. साल 2025 के कुंभ मेले की झलकियां तो आप देख ही रहे हैं, चलिए आपको 70 साल पुराने कुंभ मेले के दर्शन कराते हैं.
इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम पर होने वाले कुंभ मेले में आना और पवित्र नदियों में डुबकी लगाना किसी भी सनातनी के लिए अध्यात्मिक अनुभव होता है. यही वजह है कि देश-विदेश से लोग इस एक महीने के लिए प्रयागराज आते हैं. इस प्राचीन परंपरा से जुड़ा हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस वक्त वायरल हो रहा है. 70 साल पहले त्रिवेणी संगम पर स्वतंत्र भारत का पहला कुंभ आयोजित हुआ, जिसका नज़ारा देखकर लोग चकित हो रहे हैं.
1954 का दिव्य कुंभ मेला देखिए …
इस वक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पंडित सूरज पांडे ने आज़ाद भारत के पहले कुंभ मेले का वीडियो शेयर किया है. प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर तब पहली बार कुंभ आयोजित हुआ था. 1954 में भी यूपी सरकार और भारत सरकार दोनों ने इस मेले को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. मेले में शामिल होने के लिए सभी अखाड़े पूरी शान से आए थे. कुछ तो हाथियों पर सवार होकर कुंभ में पहुंचे थे. मेले में करीब एक करोड़ भक्त जुटे थे और साधु-संत साधना करते हुए दिख रहे हैं. सुरक्षा और व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस घोड़ों पर गश्त कर रही थी.
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