[ad_1]

Last Updated:
Kite competition Gujarat: गुजरात के एक अनोखे गांव में सालों से चली आ रही परंपरा ने सबका ध्यान खींचा है. यहां के लोग त्योहारों को लेकर अलग ही नियम और अनुशासन का पालन करते हैं, जो उनकी संस्कृति को विशेष बनाता है.
गुजरात के बनासकांठा जिले के फतेपुरा गांव में मकर संक्रांति के मौके पर पतंग उड़ाने पर रोक लगाई गई है. ये नियम कई सालों से यहां का हिस्सा है, जिसे गांव के लोग पूरी ईमानदारी से मानते हैं. जहां पूरा राज्य इस त्योहार को पतंगबाजी और मस्ती के साथ मनाता है, वहीं इस गांव में यह परंपरा थोड़ी अलग है.
सदियों पुरानी परंपरा का पालन
फतेपुरा गांव के लोगों का मानना है कि उनकी यह परंपरा गांव की सुख-शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. बुजुर्गों के अनुसार, कई साल पहले गांव में एक घटना हुई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया था कि मकर संक्रांति पर पतंगबाजी नहीं होगी. तभी से यह परंपरा चली आ रही है.
रोक का पालन न करने पर जुर्माना
गांव की इस परंपरा को बनाए रखने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. अगर कोई व्यक्ति मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाते हुए पाया जाता है, तो उसे जुर्माना भरना पड़ता है. यह नियम न केवल बुजुर्गों बल्कि युवाओं द्वारा भी पूरी तरह से स्वीकार किया गया है.
समाज में एकता का संदेश
फतेपुरा गांव का यह नियम उनके सामाजिक ताने-बाने और आपसी सहयोग को भी दर्शाता है. यहां के लोग इस परंपरा को अपने सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखते हैं और इसे अपनी अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं.
शांति और सौहार्द की मिसाल
गांव की यह परंपरा यह संदेश देती है कि त्योहार का असली आनंद एकता और सौहार्द में है. जहां पतंगबाजी से अक्सर हादसे और विवाद होते हैं, वहीं फतेपुरा का यह नियम शांति और अनुशासन का प्रतीक है.
क्या बाकी जगह भी हो सकती है ऐसी परंपरा?
फतेपुरा गांव की यह परंपरा हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या अन्य जगहों पर भी इस तरह के नियम अपनाए जा सकते हैं. हालांकि, हर जगह की अपनी सं
January 14, 2025, 12:36 IST
[ad_2]
Source link