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Ford GPA-Souleep Car: दूसरे विश्व युद्ध में सड़कों और पानी में दौड़ने वाली कारों का इस्तेमाल हुआ था. फोर्ड जीपीए-सीप (Souleep) मॉडल की यह अनोखी कार आज गुजरात के वडोदरा में है. वडोदरा के गब्बलवाला परिवार के पास यह कार है, जिसे उन्होंने पुणे की…और पढ़ें
वडोदरा: आज के बाजार में जहां महंगी और अत्याधुनिक तकनीक से सजी कारें चलती हैं. वहीं, एंटीक कारों का आकर्षण भी कम नहीं हुआ है. गुजरात के वडोदरा, राजकोट, जामनगर और सूरत जैसे शहरों में कई एंटीक कारें देखी जाती हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में होती है. वडोदरा के गब्बलवाला परिवार के पास एक ऐसी एंटीक कार है, जो इन दिनों सुर्खियों में है. इस परिवार ने 1949 में पुणे की नीलामी से इस कार को मात्र 12 हजार रुपये में खरीदा था. अब इसे 1 करोड़ रुपये में खरीदने की पेशकश की जा रही है.
दूसरे विश्व युद्ध में फोर्ड जीपीए-सीप कार का उपयोग
बता दें कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने फोर्ड जीपीए-सीप (Souleep) मॉडल की कार का इस्तेमाल किया था, जो पानी और सड़क दोनों पर चल सकती थी. यह कार विश्व में गिनी-चुनी बची कारों में से एक है, जो अब वडोदरा के गब्बलवाला परिवार के पास है. इस कार को स्व. हसनभाई गब्बलवाला ने 1949 में पुणे की नीलामी से खरीदा था और तब से गब्बलवाला परिवार को लोग नावड़ीवाला के नाम से जानने लगे हैं.
1 करोड़ की पेशकश और परिवार की यादें
आज भी यह कार अपने मूल रूप में सड़कों पर दौड़ती है. गब्बलवाला परिवार ने इसे अच्छी तरह से संभाल रखा है और कई स्पेयर पार्ट्स विदेश से मंगवाए गए हैं. स्व. हसनभाई के पुत्र मुस्तुफाभाई ने बताया कि उन्हें केरल से इस कार के लिए 1 करोड़ रुपये का ऑफर मिला था, लेकिन यह कार उनके पिता की यादगार होने के कारण उन्होंने इसे संभाल कर रखा है.
गायकवाड़ी पुलिस का दिलचस्प कनेक्शन
मुस्तुफाभाई गब्बलवाला ने बताया, “मेरे पिता अंग्रेजों के समय से गैराज चलाते थे. स्वतंत्रता के बाद गायकवाड़ी पुलिस जांच के लिए आती थी, तो वे इस कार का इस्तेमाल करती थीं.” आज भी यह एंटीक कार वडोदरा की सड़कों पर चलती है और लोग इसे देखकर हैरान हो जाते हैं.
January 13, 2025, 14:06 IST
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