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Jatashankar Dham: बुंदेलखंड के केदारनाथ के रूप में प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. यहां लोग पुण्यकाल में स्नान-दान करते हैं और शिवलिंग के दर्शन करते हैं. यहां पर तीन कुड़ों का इलाज हुआ है.
छतरपुर. सूर्य के राशि परिवर्तन के उत्सव मकर संक्रांति को पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गया. सूर्योदय के साथ ही लोग जटाशंकर मंदिर प्रांगण में बड़ी संख्या में आए और स्नान करने के बाद जल चढ़ाया. मकर संक्रांति के अवसर पर लोगों की भीड़ सुबह से ही पहुंची. पुण्यकाल में स्नान-दान के साथ लोगों ने मंदिर में देव दर्शन से दिन की शुरूआत की.
श्री जटाशंकर धाम के युवा पुजारी राजकिशोर बड़गइयां लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि इसे बुंदेलखंड का केदारनाथ कहा जाता है. यहां हर वर्ष की भांति इस बार भी मकर संक्रांति पर्व में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. सुबह से लेकर अभी तक लगभग 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने यहां आकर आस्था की डुबकी लगाई है. अभी रात के समय भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए लगातार आ रहे हैं.
अलौकिक शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है धाम
जटाशंकर धाम की बात की जाए, तो यह धाम भगवान शिव की अनूठी कृपा और कई अलौकिक शक्तियों के लिए जाना जाता है. इस धाम के अंदर तीन कुंड मौजूद हैं, जिसमें से ठंडा, गर्म और साधारण पानी आता है. ऐसा माना जाता है कि इन कुंडों में स्नान करने से बड़े से बड़ा चर्म रोग दूर हो जाता है. यही वजह है कि लोग यहां से जल लेकर अपने-अपने घर ले जाते हैं.
मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग मौजूद है, जो स्वयंभू हैं. माना जाता है कि, सदियों पहले यह शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ था, जो आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है. पहाड़ियों के बीच घिरा जय शिव धाम ऐसा प्रतीत होता है कि मानो भगवान प्रकृति की गोद में बैठकर लोगों का कल्याण कर रहे हैं.
Chhatarpur,Madhya Pradesh
January 15, 2025, 10:45 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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